Bihar MLC Election: अनंत सिंह के चुनाव में हुआ दुष्प्रचार तो प्रतिक्रिया भी होगी… ललन सिंह ने खोला मोर्चा, अनंत-नीरज विवाद पर कही बड़ी बात
पटना ग्रेजुएट सीट को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद के बीच ललन सिंह ने अनंत सिंह से मुलाकात की और पार्टी के सामने उनकी शिकायतें रखीं।
Bihar MLC Election: बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। पटना ग्रेजुएट सीट पर जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच चल रही खींचतान अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। दोनों नेताओं के बीच जारी विवाद को खत्म कराने के लिए केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने अनंत सिंह से मुलाकात की और उनकी बात सुनी।
मुलाकात के बाद ललन सिंह ने सोमवार, 5 अक्टूबर को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह के मन में कुछ शिकायतें हैं, जिन्हें उन्होंने पार्टी के सामने रखा है। हालांकि, बातचीत के बाद अनंत सिंह इस बात पर सहमत हुए हैं कि वह जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी नहीं करेंगे।
अनंत सिंह की शिकायतों पर क्या बोले ललन सिंह?
ललन सिंह ने बताया कि अनंत सिंह ने बातचीत के दौरान अपनी कई बातें उनके सामने रखीं। उनका कहना था कि अनंत सिंह पार्टी से अलग नहीं हुए हैं और आगे भी जेडीयू के साथ बने रहेंगे।
हालांकि, ललन सिंह ने इस पूरे विवाद के पीछे हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति में अगर एक पक्ष की तरफ से कोई कार्रवाई या प्रतिक्रिया होती है तो दूसरे पक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक है। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि ताली एक हाथ से नहीं बजती।
ललन सिंह के इस बयान को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘जब प्रचार हो रहा था तब पार्टी को कदम उठाना चाहिए था’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनंत सिंह के खिलाफ जब प्रचार किया जा रहा था, तब पार्टी स्तर पर समय रहते हस्तक्षेप किया जाना चाहिए था। उनके मुताबिक, उस वक्त प्रदेश संगठन की ओर से पहल करने में चूक हुई।
ललन सिंह ने साफ तौर पर कहा कि अगर किसी नेता के खिलाफ लगातार माहौल बनाया जा रहा हो और पार्टी समय पर उस मामले में हस्तक्षेप न करे, तो बाद में पैदा होने वाली स्थिति को केवल एक पक्ष की वजह से नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने इसी बात को दोहराते हुए कहा कि अगर कोई ‘क्रिया’ हुई है तो उसकी ‘प्रतिक्रिया’ भी होगी।
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अनंत सिंह ने किया था सरकार का समर्थन
ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत के दौरान सामने आई एक पुरानी राजनीतिक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब बिहार सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब जेडीयू के कई नेताओं ने अनंत सिंह से सरकार के समर्थन में खड़े होने का आग्रह किया था।
ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह ने उस समय नीतीश कुमार के प्रति सम्मान की वजह से सरकार का समर्थन किया था। उन्हें लगा था कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को गिरना नहीं चाहिए।
इसके बाद अनंत सिंह की नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। ललन सिंह ने बताया कि उस दौरान नीतीश कुमार ने अनंत सिंह से मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहा था। अनंत सिंह चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन उनके चुनाव के दौरान भी कई तरह की बातें और प्रचार सामने आए।
‘मैंने पार्टी के सामने एक-एक शिकायत रख दी’
ललन सिंह ने कहा कि हालिया बैठक में उन्होंने अनंत सिंह की ओर से उठाए गए मुद्दों और शिकायतों को पार्टी नेतृत्व के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह का पक्ष भी सुना जाना जरूरी था।
केंद्रीय मंत्री ने पार्टी के अंदर अनुशासन से जुड़े सवाल पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब उनकी अपनी उम्मीदवारी का विरोध किया जा रहा था, तब भी पार्टी अनुशासन को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
उनके मुताबिक, इस तरह की परिस्थितियों में पार्टी के भीतर असंतोष और शिकायतें सामने आना स्वाभाविक है। यही वजह है कि उन्होंने अनंत सिंह की शिकायतों को पार्टी के सामने रखा है।
अनंत सिंह ने सार्वजनिक बयान न देने पर जताई सहमति
ललन सिंह ने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने अनंत सिंह से आग्रह किया कि वह नीरज कुमार के खिलाफ अब सार्वजनिक तौर पर कोई बयान न दें। अनंत सिंह इस बात पर सहमत हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि अनंत सिंह पार्टी के साथ थे, पार्टी के साथ हैं और पार्टी के साथ बने रहेंगे। ऐसे में अब दोनों नेताओं के बीच विवाद को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, ललन सिंह के ‘क्रिया की प्रतिक्रिया’ वाले बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया राजनीतिक रंग दे दिया है। उनके बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि पार्टी के भीतर अनंत सिंह की नाराजगी को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
पटना ग्रेजुएट सीट पर टिकी नजर
बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच पटना ग्रेजुएट सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार की उम्मीदवारी को लेकर अनंत सिंह की नाराजगी पार्टी के लिए चुनौती बन गई थी। अब ललन सिंह की मध्यस्थता के बाद अनंत सिंह ने सार्वजनिक बयानबाजी से पीछे हटने पर सहमति जताई है।
ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में जेडीयू इस विवाद को किस तरह संभालती है और क्या अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा तनाव पूरी तरह खत्म हो पाता है या फिर चुनावी मैदान में इसका असर देखने को मिलता है।



