Asian Games 2026: भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया को हराकर जीता गोल्ड
अंकिता भाकत, कीर्ति और कुमकुम की तिकड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया, महिला रिकर्व टीम इवेंट में भारत का पहला गोल्ड
Asian Games 2026: भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। अंकिता भाकत, कीर्ति और कुमकुम की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिला रिकर्व टीम इवेंट में भारत का यह पहला एशियन गेम्स गोल्ड मेडल है। इस जीत के साथ भारतीय तीरंदाजों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम के सामने दक्षिण कोरिया की मजबूत चुनौती थी। रिकर्व तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया लंबे समय से दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शामिल रहा है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव काफी ज्यादा था, लेकिन अंकिता भाकत, कीर्ति और कुमकुम ने धैर्य बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर सटीक निशाना लगाकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।
भारतीय टीम की ओर से 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने खास तौर पर प्रभावित किया। दबाव भरे मुकाबले में उन्होंने कई अहम निशाने साधे और महत्वपूर्ण मौकों पर 10 अंक हासिल किए। उनके प्रदर्शन ने टीम को निर्णायक क्षणों में मजबूती दी। वहीं अनुभवी अंकिता भाकत ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए टीम को संभाले रखा।
कीर्ति के लिए मुकाबला कुछ दबाव भरा जरूर रहा, लेकिन टीम की अन्य दोनों तीरंदाजों ने अपनी शानदार शूटिंग से इसकी भरपाई की। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और धीरे-धीरे दक्षिण कोरिया पर बढ़त हासिल की। आखिरकार 5-3 के स्कोर के साथ भारत ने स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।
सेमीफाइनल में चीन को दी थी मात
फाइनल तक पहुंचने के सफर में भी भारतीय महिला रिकर्व टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। सेमीफाइनल में भारत का सामना चीन से हुआ था, जहां भारतीय तीरंदाजों ने 5-1 से एकतरफा जीत दर्ज की। इस जीत के साथ टीम ने फाइनल में अपनी जगह पक्की की और इसके बाद निर्णायक मुकाबले में दक्षिण कोरिया को भी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि महिला रिकर्व टीम इवेंट में एशियन गेम्स के इतिहास में यह उसका पहला स्वर्ण पदक है। भारतीय तीरंदाजी ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी स्थिति मजबूत की है और इस जीत ने उस सफर को एक और बड़ी उपलब्धि दी है।
दक्षिण कोरिया का 32 साल पुराना दबदबा टूटा
भारतीय टीम की जीत का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि दक्षिण कोरिया का एशियन गेम्स के महिला रिकर्व टीम इवेंट में लंबे समय से दबदबा रहा है। उसे इस स्पर्धा में आखिरी बार 1994 में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 1998 से 2022 तक दक्षिण कोरिया ने लगातार स्वर्ण पदक जीते थे।
ऐसे में भारत का दक्षिण कोरिया को फाइनल में हराना एशियन गेम्स के इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। भारतीय खिलाड़ियों ने न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि दुनिया की शीर्ष तीरंदाजी टीमों में शामिल दक्षिण कोरिया के लंबे वर्चस्व को भी चुनौती दी है।
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भारत के पदक खाते में 11वां गोल्ड
इस स्वर्ण पदक के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 11 हो गई है। भारत के कुल पदकों की संख्या भी 67 तक पहुंच गई है, जिसमें 11 स्वर्ण, 23 रजत और 33 कांस्य पदक शामिल हैं।
महिला रिकर्व टीम की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय खेलों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खास तौर पर 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद जैसी युवा खिलाड़ी का बड़े मंच पर दबाव के बीच प्रदर्शन भारतीय तीरंदाजी के भविष्य के लिए उम्मीद जगाता है। वहीं अंकिता भाकत के अनुभव और पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने दिखाया कि भारत अब बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शीर्ष टीमों को चुनौती देने की क्षमता रखता है।
इस जीत के बाद भारतीय तीरंदाजी टीम की नजरें आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर भी होंगी। एशियन गेम्स में दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम को हराकर मिली यह सफलता भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है और 2028 ओलंपिक से पहले इसे एक अहम उपलब्धि के तौर पर देखा जा सकता है।



