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Pilibhit News : बीसलपुर में दिव्या पी. गंगवार की SIR मुहिम से बढ़ी सियासी हलचल, 7 हजार संदिग्ध वोटों का दावा

Pilibhit News : पीलीभीत की बीसलपुर विधानसभा में दिव्या पी. गंगवार ने SIR के तहत 6,500 से 7,000 संदिग्ध मतदाता प्रविष्टियां चिह्नित करने का दावा किया। एसडीएम से निष्पक्ष जांच और सत्यापन की मांग की।

Pilibhit News : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की 130 बीसलपुर विधानसभा सीट पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव दिव्या पी. गंगवार ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए करीब 6,500 से 7,000 संदिग्ध प्रविष्टियां चिह्नित करने का दावा किया है। उन्होंने प्रशासन से इन प्रविष्टियों की निष्पक्ष जांच और बूथवार सत्यापन कराने की मांग की है।

दिव्या पी. गंगवार ने शनिवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनकी टीम पिछले छह से सात महीनों से मतदाता सूची की पड़ताल में जुटी हुई है। इस दौरान नाम, पता, उम्र, पारिवारिक विवरण और मतदाता पहचान पत्र से संबंधित कई ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं, जिनका सत्यापन जरूरी है। हालांकि, इन प्रविष्टियों में अनियमितता की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

बीसलपुर में 6,500 से 7,000 संदिग्ध प्रविष्टियां मिलने का दावा

दिव्या पी. गंगवार के मुताबिक, मतदाता सूची की जांच के दौरान अब तक करीब 6,500 से 7,000 ऐसी प्रविष्टियां चिह्नित की गई हैं, जिनकी दोबारा जांच की आवश्यकता है। उनका कहना है कि पूरी मतदाता सूची का विस्तृत मिलान किए जाने पर ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ सकती है।

उन्होंने एक ही मकान नंबर पर 19 मतदाताओं के नाम दर्ज होने का मामला भी उठाया। दिव्या का कहना है कि मतदाता सूची में दर्ज ऐसी प्रविष्टियों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए संबंधित मतदाताओं के पते और अन्य विवरणों का सत्यापन कराया जाना चाहिए।

छह-सात महीने से चल रही मतदाता सूची की पड़ताल

दिव्या पी. गंगवार ने बताया कि मतदाता सूची में कथित विसंगतियों की पहचान के लिए उनकी टीम ने लंबे समय तक काम किया है। इस दौरान कंप्यूटर के माध्यम से सूचियों का मिलान करने के साथ विभिन्न प्रविष्टियों की तुलना और संदिग्ध मामलों से संबंधित जानकारियां एकत्र की गईं।

इस अभियान में उनके पति चौधरी प्रदीप सिंह पटेल के अलावा रूपलाल मटिया, ओमपाल, पंकज, अवि गंगवार, भूदेव गंगवार, अमित गंगवार, डॉ. रवि गंगवार, डॉ. अरविंद गंगवार और सुदेश कुमार सहित अन्य सहयोगियों ने भी योगदान दिया।

दिव्या के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज संभावित त्रुटियों को सामने लाना और उनका नियमानुसार निराकरण कराना है।

एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग

मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को लेकर दिव्या पी. गंगवार ने एसडीएम प्रमेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच कराने, बूथवार सत्यापन करने और जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की पुष्टि करने की मांग की।

उन्होंने नाम, उम्र, पता और पारिवारिक विवरण में पाई गई संभावित त्रुटियों को नियमानुसार ठीक कराने की भी मांग उठाई। दिव्या का कहना है कि यदि जांच में जानबूझकर अनियमितता किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को पहले भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया था, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण दोबारा प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है।

बीसलपुर की राजनीति में SIR बना चर्चा का मुद्दा

130 बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र में दिव्या पी. गंगवार की इस पहल को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर उनकी सक्रियता ऐसे समय में सामने आई है, जब विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक दावेदारी और संभावित समीकरणों को लेकर भी चर्चा होती रहती है।

दिव्या पी. गंगवार ने मतदाता सूची की जांच को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। उनकी इस मुहिम ने मतदाता सूची की शुद्धता, संभावित विसंगतियों और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

हालांकि, 6,500 से 7,000 संदिग्ध प्रविष्टियों का आंकड़ा फिलहाल दिव्या पी. गंगवार की ओर से किया गया दावा है। इन मामलों में वास्तविक अनियमितता है या नहीं, यह प्रशासनिक जांच और आधिकारिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच में कितनी प्रविष्टियों की पुष्टि होती है।

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