Recruitment of 68500 Teachers:68500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 के अभ्यर्थियों ने लखनऊ में मंत्री डॉ. संजय निषाद के आवास पर
Candidates of the 68,500 Assistant Teacher Recruitment-2018 at the residence of Minister Dr. Sanjay Nishad in Lucknow.
Recruitment of 68500 Teachers:उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति का मामला एक बार फिर चर्चा में है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने शनिवार सुबह 11 बजे कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के आवास पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ‘दस्तक दो अभियान’ के तहत किया गया। अभ्यर्थी पिछले 40 दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराना है। वे भर्ती परिणाम में आवश्यक संशोधन और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं।
आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने बताया कि 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़ी विसंगति के मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से आदेश जारी किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग के आदेश के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के पात्र अभ्यर्थियों को आरक्षित श्रेणी का लाभ दिया जाना चाहिए।
इसके लिए भर्ती परिणाम में संशोधन कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की गई है। साथ ही अभ्यर्थियों ने आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है।
आंदोलन में सहयोग कर रहे आशुतोष वर्मा ने कहा कि आदेश जारी होने के बावजूद अभ्यर्थियों को अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिली है। इसी वजह से उन्हें लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे मंत्री
प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और प्रकरण पर मुख्यमंत्री से वार्ता करने का आश्वासन दिया।
मंत्री ने कहा कि वह अभ्यर्थियों, संबंधित अधिकारियों और विभागीय मंत्री के बीच संयुक्त बैठक कराने का प्रयास करेंगे। इसका उद्देश्य मामले पर चर्चा करके समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है।
डॉ. संजय निषाद ने आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि आरक्षण किसी की भीख नहीं, बल्कि अधिकार है। उन्होंने अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सहानुभूति जताई और कहा कि आरक्षण व्यवस्था का सही तरीके से लागू होना जरूरी है। उन्होंने मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाने की बात भी कही।
पुलिस ने बसों से ईको गार्डन भेजा
वार्ता के बाद मंत्री ने अभ्यर्थियों को कोल्ड ड्रिंक भी पिलाई। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर वापस ईको गार्डन स्थित धरना स्थल भेज दिया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अभी तक ठोस समाधान नहीं मिला है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन, भर्ती परिणाम में संशोधन, पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शामिल है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब अभ्यर्थियों की निगाहें मुख्यमंत्री से प्रस्तावित वार्ता और संयुक्त बैठक पर टिकी हैं।
प्रदर्शन में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल कुमार, रंजना जायसवाल, राकेश साहनी, मनीष पटवा, सच्चिदानंद, आरती वर्मा, शिवशंकर और सुनील समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे।
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