Politics: कर्णप्रयाग सीट पर किसका होगा कब्जा? BJP की बादशाहत या कांग्रेस की वापसी की उम्मीद

Politics: पिछले पांच चुनावों में चार बार जीत दर्ज कर चुकी बीजेपी के सामने इस बार भी किला बचाने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस मजबूत वापसी की उम्मीद के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

Politics: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ चमोली जिले की कर्णप्रयाग सीट एक बार फिर चर्चा में आ गई है। राज्य गठन के बाद हुए चुनावों का रिकॉर्ड देखें तो यह सीट बीजेपी के लिए काफी अनुकूल रही है। पांच चुनावों में से चार बार भाजपा ने यहां जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को केवल एक बार सफलता मिली।

अब सवाल यह है कि क्या भाजपा अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रख पाएगी या कांग्रेस लंबे समय बाद इस सीट पर वापसी का रास्ता तलाश लेगी।

पिछले चुनावों में कैसा रहा प्रदर्शन?

कर्णप्रयाग विधानसभा सीट गढ़वाल क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती है। 2022 के चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार अनिल नौटियाल ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश नेगी को हराकर सीट अपने नाम की थी।

इससे पहले 2017 में भी भाजपा को जीत मिली थी। वहीं 2012 का चुनाव कांग्रेस के खाते में गया था, जब भाजपा में अंदरूनी असंतोष और वोटों के बंटवारे का असर देखने को मिला था।

कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती

कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल उम्मीदवार चयन का है। पार्टी में कई नेता टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मोहन भंडारी, मुकेश नेगी, संदीप नेगी और हरिकृष्ण भट्ट जैसे नाम चर्चा में हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस समय रहते एक मजबूत और सर्वमान्य उम्मीदवार तय कर लेती है तो मुकाबला रोचक हो सकता है।

बीजेपी को संगठन और रिकॉर्ड का सहारा

दूसरी तरफ भाजपा के पास संगठनात्मक मजबूती और जीत का रिकॉर्ड दोनों मौजूद हैं। मौजूदा विधायक अनिल नौटियाल को फिर से मैदान में उतारने की चर्चा है। पार्टी को उम्मीद है कि विकास कार्यों और अपने मजबूत वोट बैंक के दम पर वह इस सीट को बरकरार रख सकेगी।

2027 में कांटे की टक्कर के संकेत

कर्णप्रयाग सीट का चुनावी इतिहास भाजपा के पक्ष में जरूर दिखाई देता है, लेकिन चुनावी राजनीति में समीकरण तेजी से बदलते हैं। कांग्रेस अगर स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार चयन पर सही रणनीति बनाती है तो मुकाबला कड़ा हो सकता है। फिलहाल दोनों दलों ने तैयारी शुरू कर दी है और आने वाले महीनों में यह सीट उत्तराखंड की सबसे चर्चित चुनावी सीटों में शामिल हो सकती है।

written by Siddhi Srivastava

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