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Kaushambhi: पंचायत भवन में पंचायत सहायक से मारपीट, भ्रष्टाचार का विरोध करना पंचायत सहायक को पड़ा महंगा

Kaushambhi: कौशाम्बी विकासखंड कोसम खिराज अंतर्गत ग्राम पंचायत हिसामबाद में तैनात पंचायत सहायक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर अरुण कुमार (पुत्र धर्मलाल) के साथ पंचायत भवन में मारपीट और जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित अरुण कुमार ने भ्रष्टाचार और फर्जी भुगतान का विरोध किया था, जिसके चलते कथित रूप से ग्राम सचिव और प्रधान समेत अन्य आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।

घटना दिनांक 9 मई 2025 को दोपहर 12 बजे की है जब अरुण कुमार पंचायत भवन में नियमित सरकारी कार्य निपटा रहे थे। इसी दौरान ग्राम पंचायत सचिव राम गोविंद (निवासी ग्राम बंथरी, थाना सराय अकिल), वर्तमान प्रधान मुन्नू लाल (निवासी बड़ा गढ़वा, कोसम खिराज) एवं कंप्यूटर ऑपरेटर राजकुमार (निवासी विकासखंड बारा) पंचायत भवन पहुंचे और कथित रूप से पहले से तय योजना के तहत फर्जी विकास कार्यों के नाम पर भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी।

अरुण कुमार द्वारा इसका विरोध किए जाने पर विपक्षियों ने उन्हें गालियाँ दीं, मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया, और कार्यालय का दरवाज़ा बंद कर पीड़ित के साथ लात-घूंसे से मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि यदि वह इस भुगतान में बाधा बनेगा तो उसे नौकरी से भी निकाल दिया जाएगा। घटना की सूचना पर ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया। साथ ही, डायल 112 पुलिस भी मौके पर पहुंची, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए।

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पीड़ित ने तत्काल थाना कौशाम्बी में शिकायत दी, जिस पर पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और रिपोर्ट अपने पास रख ली, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित के अनुसार, इससे पहले भी करीब 30-40 लाख रुपये की धनराशि फर्जी कार्यों के नाम पर अन्य व्यक्तियों के खातों में स्थानांतरित की जा चुकी है। पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र के साथ मेडिकल रिपोर्ट एवं फर्जी भुगतान की वाउचर डिटेल संलग्न करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

रिपोर्ट- मंजुल तिवारी, कौशाम्बी 

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