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Kolkata: पैसे लेकर जाली सर्टिफिकेट दिया करते थे पश्चिम बंगाल यूनानी काउंसिल के रजिस्ट्रार इम्तियाज हुसैन

Kolkata: पश्चिम बंगाल यूनानी स्टेट काउंसिल के रजिस्ट्रार इम्तियाज हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ में पता चला है कि वह पैसे लेकर जाली बीयूएमएस प्रमाणपत्र बेचा करते थे। आश्चर्यजनक है कि पहले भी उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पुलिस हर बार उन्हें छोड़ देती है। यहां तक कि उनकी गिरफ्तारी के लिए हाई कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

एंटाली थाने की पुलिस ने इस कथित घोटाले का पर्दाफाश करते हुए इम्तियाज को मुख्य साजिशकर्ता बताया है, जो 2011 से यूनानी काउंसिल के रजिस्ट्रार पद पर कार्यरत हैं। मंगलवार को जांच में शामिल एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि इम्तियाज ने अपने पद का दुरुपयोग कर अयोग्य व्यक्तियों को मोटी रकम लेकर ‘रजिस्टर ऑफ यूनानी मेडिकल प्रैक्टिशनर्स’ (आरयूएमपी) प्रमाणपत्र दिए। यह प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद व्यक्ति चिकित्सकीय प्रैक्टिस कर सकते हैं।

पियून के रूप में शुरू किया था काम, बन गया रजिस्ट्रार

इम्तियाज ने अपने करियर की शुरुआत काउंसिल में एक पियून के रूप में की थी, लेकिन बाद में उन्हें रजिस्ट्रार बना दिया गया। रजिस्ट्रार बनने के बाद उन्होंने इस पद का गलत फायदा उठाते हुए जाली प्रमाणपत्र बेचने का काम शुरू किया। इम्तियाज पर आरोप है कि उन्होंने राज्य के बाहर के लोगों को भी ये प्रमाणपत्र बेचा है।

इस मामले को लेकर पहले भी कोलकाता हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति टी.एस. शिवगणनम की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वे इस पर तत्काल कार्रवाई करें। इसके बावजूद, इम्तियाज के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया और उन्हें रजिस्ट्रार पद पर फिर से नियुक्त कर दिया गया।

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हालांकि, हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की और इम्तियाज को पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। जमानत पर रहते हुए इम्तियाज फिर से पुलिस के रडार पर आए और रविवार रात को उनके खिलाफ तलाशी अभियान शुरू हुआ। सोमवार को चामरु खानसामा लेन स्थित एक घर से पुलिस ने इम्तियाज को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उन्हें सियालदह अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। उनसे सारी रात पूछताछ हुई है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह भी पता चला है कि सत्तारूढ़ पार्टी के कई नेताओं के लगातार संपर्क में वे रहे हैं।

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