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Prayagraj News : ‘जीवों से द्वेष करने वाला भक्त प्रभु को प्रिय नहीं’, श्रीमद्भागवत कथा में डॉ. श्याम सुंदर ने सुनाया कपिल-देवहूति संवाद

Prayagraj News : होलागढ़ के दहियांवा में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन डॉ. श्याम सुंदर पाराशर ने कपिल-देवहूति संवाद और राजा परीक्षित की कथा सुनाई। केशव प्रसाद मौर्य समेत हजारों भक्त मौजूद रहे।

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Prayagraj News : होलागढ़ के दहियांवा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक डॉ. श्याम सुंदर पाराशर ने श्रद्धालुओं को अमृतमयी कथा का रसपान कराया। कथा के दौरान उन्होंने कपिल-देवहूति संवाद और सांख्य योग का वर्णन करते हुए भगवान की भक्ति के वास्तविक स्वरूप को समझाया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भगवान की पूजा-अर्चना तो करता है, लेकिन उनके द्वारा निर्मित प्राणियों से ईर्ष्या और द्वेष रखता है, उसकी भक्ति का कोई वास्तविक महत्व नहीं है।

डॉ. पाराशर ने कहा कि भगवान की सच्ची भक्ति का आधार प्रेम, करुणा और सभी जीवों के प्रति सद्भाव है। उन्होंने समझाया कि केवल पूजा-पाठ करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भगवान की सृष्टि के प्रत्येक प्राणी के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव भी होना चाहिए।

जीवों से द्वेष करने वाला व्यक्ति बुझी हुई हवन की राख के समान

कथा के दौरान डॉ. श्याम सुंदर पाराशर ने भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो व्यक्ति प्रभु का नाम लेता है और उनकी पूजा करता है, लेकिन उनके बनाए हुए जीवों से ईर्ष्या-द्वेष करता है, वह बुझी हुई हवन की राख के समान है।

उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि मनुष्य को अपने जीवन में प्रेम, सद्भाव और करुणा को अपनाना चाहिए। भगवान की आराधना तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपने व्यवहार में भी उनके बताए आदर्शों को उतारे।

राजा परीक्षित को सात दिन में मृत्यु का मिला था संकेत

श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंग में कथावाचक ने राजा परीक्षित की कथा का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को यह ज्ञात हुआ कि सात दिनों के भीतर उनकी मृत्यु हो जाएगी, तो वह अत्यंत भयभीत हो गए।

मृत्यु के भय से व्याकुल राजा परीक्षित ने विद्वान ऋषियों से संपर्क किया। इसी दौरान उनकी भेंट भगवान शुकदेव से हुई। राजा परीक्षित ने उनसे प्रश्न किया कि मृत्यु के भय से मुक्ति पाने और जीवन के अंतिम समय को सार्थक बनाने का उपाय क्या है।

डॉ. पाराशर ने बताया कि भगवान शुकदेव ने राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत के श्रवण और भगवान के स्मरण का मार्ग बताया। उन्होंने समझाया कि भगवान की भक्ति और उनके नाम का स्मरण मनुष्य को भय और मोह से मुक्त करने का माध्यम है।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद

श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, क्षेत्रीय विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल, यजमान शशिकांत शुक्ला और मंडल अध्यक्ष राधाकांत शुक्ल सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए।

इसके अलावा अधिवक्ता अमित शुक्ला, ऋतु राज पांडेय, रवि शंकर पांडेय, ज्ञान नारायण कनौजिया, पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल पांडेय, सुमंत लाल तिवारी, संदीप द्विवेदी, राम चंद्र शुक्ला, तहसीलदार कपिल मिश्रा, पुनीत त्रिपाठी, प्रदीप केसरवानी, सत्यम ओझा, भीष्म नारायण त्रिपाठी, पलक शुक्ला, संजय तिवारी, नीरज तिवारी, रवि शंकर शुक्ला, श्याम तिवारी, बच्चा तिवारी, प्रियेश तिवारी और विवेक शुक्ला सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का श्रवण किया। आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।

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