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मायावती ने पार्टी मीटिंग में किया बड़ा ऐलान, आकाश आनंद को घोषित किया उत्तराधिकारी

बीएसपी की मुखिया मायावती ने आज अपने उत्तराधिकारी का ऐलान कर दिया है उनके उत्तराधिकारी कोई और नहीं बल्कि उनके अपने भतीजे आकाश आनंद है बीएसपी की मीटिंग में उन्होंने आकाश आनंद को अपनी विरासत सौंप दी, और साफ कर दिया कि भविष्य में वही पार्टी की कमान संभालेंगे|

आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने रविवार की सुबह पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी और सभी राज्यों के प्रमुख पदाधिकारी की बैठक बुलाई इस बैठक विवाह आकाश आनंद के साथ पहुंची बताया गया था की बैठक में लोकसभा चुनाव 2024 की रणनीति के मध्य नजर चर्चा होगी इसी बैठक में मायावती ने आकाश आनंद को अपनी विरासत सौंप दी.

कौन है आकाश आनंद?

आकाश आनंद मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे हैं आपको बता दे की आकाश आनंद की स्कूलिंग हरियाणा के गुरुग्राम में हुई स्कूलिंग के बाद पढ़ाई के लिए आकाश आनंद लंदन चले गए आकाश आनंद ने लंदन से एमबीए किया पहली बार 2017 में मायावती यानी उनकी बुआ के साथ राजनीतिक मंच पर आकाश आनंद को देखा गया , एक बड़ी रैली करके मायावती ने आकाश आनंद को लांच किया था आकाश आनंद लंदन से मास्टर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन मतलब MBA की पढ़ाई करके आए हैं परिवारवाद के खिलाफ हमेशा बात करने वाली मायावती ने कभी अपने भाई आनंद कुमार को तेजी नहीं दी लेकिन विरासत की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद को आगे किया मायावती ने सहारनपुर की रैली में आकाश आनंद को अपने साथ मंच पर लेकर आई थी, इसे आकाश आनंद की पॉलिटिकल लॉन्चिंग मंच भी कहा जाता है इसके बाद से ही उन्हें मायावती के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाने लगा था आखिरकार रविवार को यानी आज उन्होंने इस संबंध में बड़ी घोषणा कर दी |

आकाश आनंद को बीएसपी का उत्तराधिकारी बनाकर मायावती ने सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है यूपी में सिमटी बीएसपी के लिए सीआरसी पंडित नए सिरे से अनुमान लगाने लगे हैं आकाश आनंद एक युवा है वह पार्टी के लिए सड़क से संसद तक की लड़ाई लड़ सकते हैं आकाश आनंद बीएसपी और पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया जोश भर सकते हैं आकाश आनंद से बीएसपी और मायावती को काफी उम्मीदें हैं

हालांकि विरोधी मायावती पर परिवारवाद की पॉलिटिक्स करने और बीएसपी के दिक्कत अनुभव अनुभवी नेताओं को दरकिनार करने का आरोप लगा सकते हैं या माने तो लगने लगे हैं वह सवाल उठा सकते हैं कि क्या सिर्फ परिवार का होने की वजह से आकाश आनंद को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंप गई है या फिर आकाश आनंद सच में पार्टी की जिम्मेदारियां को अच्छे से संभाल पाएंगे क्या हुआ यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में मैच एक सीट पाने वाली बीएसपी को राज्य और देश के अलग-अलग राज्यों में बढ़ा पाएंगे |

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