AIADMK प्रमुख पलानीस्वामी ने फ्लोर टेस्ट में TVK सरकार का समर्थन करने वाले 25 विधायकों को पार्टी से निकाला

AIADMK प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने फ्लोर टेस्ट में TVK सरकार का समर्थन करने वाले 25 विधायकों को पार्टी से निकाल दिया। इनमें एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. षणमुगम जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने बुधवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 25 नेताओं को उनके पदों से हटा दिया। हटाए गए नेताओं में वरिष्ठ नेता एस.पी. वेलुमणि, सी.वी. षणमुगम और नाथम आर. विश्वनाथन सहित अन्य विधायक शामिल हैं।

यह कार्रवाई तब की गई जब AIADMK के 25 बागी विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार का समर्थन किया। रिपोर्ट के अनुसार, इन विधायकों ने पार्टी लाइन के विपरीत जाकर विश्वास मत में सरकार के पक्ष में मतदान किया।

फ्लोर टेस्ट के दौरान DMK के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। परिणामस्वरूप TVK ने 144:22 के अंतर से विश्वास मत जीत लिया। बताया गया कि AIADMK के कुल 22 विधायकों ने सरकार के खिलाफ मतदान किया, जबकि 25 अन्य ने समर्थन दिया।

TVK, जो हालिया तमिलनाडु चुनावों में सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरी थी, कांग्रेस के साथ गठबंधन के बावजूद बहुमत के आंकड़े (118) तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही थी। AIADMK के बागी विधायकों के समर्थन से सरकार को बहुमत मिला।

पार्टी विरोधी गतिविधियों के बाद पलानीस्वामी ने न केवल संबंधित नेताओं को पदों से हटाया, बल्कि उनकी जगह नए जिला सचिवों की नियुक्ति भी की। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है।

इस बीच, विपक्षी और सत्तापक्ष दोनों ओर से हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोप लगाए गए, जिन्हें TVK प्रमुख विजय ने खारिज कर दिया।

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