OP Rajbhar Akhilesh Yadav: ओपी राजभर ने अखिलेश यादव से फिर पूछा सवाल, बोले- ‘कुर्मी समाज से इतनी नाराजगी क्यों?’
धर्मेंद्र प्रधान, अभिषेक पटेल और डॉ. सोनेलाल पटेल का जिक्र कर सपा प्रमुख पर साधा निशाना
OP Rajbhar Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बीच जुबानी जंग तेज होती नजर आ रही है। ओपी राजभर ने एक बार फिर सोशल मीडिया के माध्यम से अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनसे सवाल किया कि आखिर उन्हें कुर्मी समाज से इतनी नाराजगी क्यों है।
राजभर ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले भी अखिलेश यादव से सवाल पूछा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने लिखा कि “जिस पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की दुहाई देकर आप वोट मांगते हैं, आज उसी समाज के एक वर्ग के खिलाफ आपका रवैया सवाल खड़े करता है। हमें आज भी आपके जवाब का इंतजार है।”
अपने बयान में ओपी राजभर ने तीन उदाहरण देते हुए अखिलेश यादव के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के सिपाही अभिषेक पटेल के मामले में अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर उन्हें अपराधी करार दिया, जिसके बाद कार्रवाई हुई। वहीं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भी उन्होंने सपा प्रमुख को घेरा। साथ ही उन्होंने सामाजिक न्याय के नेता डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर अखिलेश यादव की ओर से कोई सार्वजनिक संदेश या कार्यक्रम न होने का भी उल्लेख किया।
राजभर ने आगे कहा कि क्या कुर्मी समाज से नाराजगी इसलिए है क्योंकि यह समाज शिक्षा पर जोर देता है और अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी सेवाओं में चयन प्राप्त करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं और इस पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।
इससे पहले भी ओपी राजभर ने धर्मेंद्र प्रधान का नाम लेते हुए अखिलेश यादव से पूछा था कि यदि उनकी जाति कुर्मी के बजाय यादव होती, तो क्या उनका राजनीतिक रुख वही रहता या अलग होता। उन्होंने कहा था कि इस सवाल का उत्तर प्रदेश की जनता और कुर्मी समाज दोनों को इंतजार है।
ओपी राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हालांकि, इस बयान पर समाचार लिखे जाने तक समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



