Crime-News: पिढ़वल मोड़ बना ‘दुर्घटना हॉटस्पॉट’! कार और टेम्पो की भीषण टक्कर में लेखपाल समेत 6 घायल, मऊ रेफर
घोसी के पिढ़वल मोड़ पर फिर हुआ बड़ा हादसा, स्थानीय लोगों ने अंडरपास निर्माण की मांग दोहराई
Crime-News: मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र स्थित पिढ़वल मोड़ एक बार फिर गंभीर सड़क हादसे का गवाह बना। मंगलवार को यहां एक कार और टेम्पो के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर में घोसी तहसील में तैनात एक लेखपाल सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घोसी पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल मऊ रेफर कर दिया गया।
लेन बदलने के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार घोसी तहसील में तैनात लेखपाल गौरव राय अपनी कार से मऊ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पिढ़वल मोड़ के पास दूसरी लेन से आ रहा एक टेम्पो अचानक सड़क पार करने लगा। तेज रफ्तार के कारण दोनों वाहनों के चालक वाहन नियंत्रित नहीं कर सके और कार तथा टेम्पो के बीच भीषण टक्कर हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
मांगलिक कार्यक्रम में जा रहे थे टेम्पो सवार
बताया जा रहा है कि टेम्पो में सवार सभी लोग बलिया जिले के भीमपुरा नंबर-1 क्षेत्र के निवासी थे। वे पिढ़वल मोड़ के समीप स्थित एक गांव में आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
घायलों में घोसी तहसील के लेखपाल गौरव राय के अलावा सूरज (25 वर्ष), बिनेश (20 वर्ष), दीपक कुमार (26 वर्ष), संजय (42 वर्ष) और लालू (24 वर्ष) शामिल हैं। सभी बलिया जनपद के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को वाहनों से बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायल लेखपाल गौरव राय को बाद में उनके परिचितों द्वारा मऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

अंडरपास न होने से बढ़ रहे हादसे
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पिढ़वल मोड़ लंबे समय से दुर्घटना संभावित क्षेत्र बना हुआ है। यहां अंडरपास की व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालक एक लेन से दूसरी लेन में जाने के लिए जोखिम उठाते हैं, जिससे बार-बार गंभीर हादसे हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस मोड़ पर अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी रूप से विकलांग हो चुके हैं।
प्रशासन और NHAI से उठी मांग
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से पिढ़वल मोड़ पर जल्द अंडरपास निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि अंडरपास बनने से यातायात व्यवस्था सुरक्षित होगी और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।



