Punjab Assembly Elections: 117 सीटों का गणित समझने में जुटीं पार्टियां, शुरू हुआ ग्राउंड सर्वे अभियान
Punjab Assembly Elections: विधानसभा चुनाव से पहले AAP, कांग्रेस, बीजेपी और शिअद जमीनी हकीकत जानने के लिए सीट-दर-सीट सर्वे करा रही हैं, रिपोर्ट के आधार पर उम्मीदवार और रणनीति तय होगी।
Punjab Assembly Elections: पंजाब विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। रैलियों और जनसभाओं के साथ-साथ अब फोकस जमीनी फीडबैक जुटाने पर है। आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) राज्य की 117 विधानसभा सीटों पर विस्तृत सर्वे करा रहे हैं।
इन सर्वे का उद्देश्य यह जानना है कि किस क्षेत्र में पार्टी की स्थिति मजबूत है, कहां चुनौतियां हैं और किन सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चुनावी रणनीति और टिकट वितरण की दिशा तय की जाएगी।
कांग्रेस तीसरे चरण के सर्वे की तैयारी में
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस पंजाब में दो दौर के सर्वे पहले ही पूरा कर चुकी है। अब तीसरे चरण की तैयारी चल रही है। पार्टी बाहरी विशेषज्ञों और निजी एजेंसियों की मदद से निष्पक्ष फीडबैक जुटाने पर जोर दे रही है।
बताया जा रहा है कि सर्वे रिपोर्ट सीधे केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाई जाएगी। इसके आधार पर उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
AAP कर रही विधायकों और मंत्रियों का प्रदर्शन मूल्यांकन
सत्ता में मौजूद आम आदमी पार्टी अपने मौजूदा विधायकों और मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन कर रही है। पार्टी यह जानने की कोशिश में है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में जनप्रतिनिधियों की अपने क्षेत्र में पकड़ कितनी मजबूत बनी हुई है।
सर्वे में जनता की राय, विकास कार्यों का प्रभाव और स्थानीय संगठन की सक्रियता जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।
बीजेपी ने बढ़ाई बूथ स्तर तक निगरानी
भारतीय जनता पार्टी भी चुनाव से पहले जमीनी आंकड़े जुटाने में लगी हुई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कई आंतरिक सर्वे पूरे किए जा चुके हैं। बूथ स्तर तक फीडबैक लेकर स्थानीय मुद्दों और संभावित उम्मीदवारों की स्वीकार्यता का आकलन किया जा रहा है।
प्रारंभिक रिपोर्टों में कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और नशे की समस्या को प्रमुख चुनावी मुद्दों के रूप में देखा जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर शिअद का विशेष फोकस
शिरोमणि अकाली दल ग्रामीण और पारंपरिक वोट बैंक वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों और स्थानीय समुदायों से संवाद कर क्षेत्रवार राजनीतिक माहौल समझने की कोशिश कर रही है।
सर्वे के जरिए पार्टी यह जानना चाहती है कि किन क्षेत्रों में उसका प्रभाव बरकरार है और कहां संगठन को मजबूत करने की जरूरत है।
सर्वे रिपोर्ट तय करेगी चुनावी रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले होने वाले ये सर्वे पार्टियों के लिए ग्राउंड रिपोर्ट कार्ड का काम करेंगे। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन, प्रचार अभियान और संसाधनों का वितरण तय किया जाएगा। ऐसे में पंजाब की सभी प्रमुख पार्टियां चुनावी मैदान में उतरने से पहले अपनी वास्तविक स्थिति समझने में जुटी हुई हैं।



