Ram Mandir: राम मंदिर प्रशासन में बड़ा बदलाव, ज्वाइंट और डिप्टी सीईओ के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ पद के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया है। अब अंतिम चयन के लिए ट्रस्ट की मंजूरी का इंतजार है।
Ram Mandir: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद संभालने के बाद अब उनकी टीम के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ के पदों के लिए तीन-तीन नामों का पैनल लगभग तैयार बताया जा रहा है। अब इन नामों में से एक-एक व्यक्ति के चयन पर अंतिम फैसला होना बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक, चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और ट्रस्ट की मंजूरी के बाद दोनों महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जा सकती है। 16 सितंबर के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। ट्रस्ट स्तर पर अंतिम सहमति बनने के बाद नई प्रशासनिक टीम की तस्वीर साफ हो जाएगी।
ज्वाइंट और डिप्टी सीईओ के लिए तैयार हुआ पैनल
राम मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं को देखते हुए ट्रस्ट प्रशासनिक ढांचे को नए तरीके से व्यवस्थित करने की तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ पद के लिए अलग-अलग तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है।
बताया जा रहा है कि इन नामों पर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि की सहमति के बाद अंतिम स्तर पर विचार चल रहा है। पैनल में शामिल नामों में से प्रत्येक पद के लिए एक अधिकारी का चयन किया जाना है। ट्रस्ट की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इन दोनों पदों को सीईओ की टीम में अहम जिम्मेदारी वाला माना जा रहा है। मंदिर प्रशासन, निर्माण से जुड़ी गतिविधियों, तकनीकी मामलों और अलग-अलग व्यवस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने में इन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
अनुभवी इंजीनियरों को भी मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
नई प्रशासनिक टीम में मंदिर निर्माण से जुड़े अनुभवी इंजीनियरों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, संभावित नामों में ऐसे तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण की तकनीकी और प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं में लंबे समय तक भूमिका निभाई है।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ इंजीनियर ट्रस्ट के आमंत्रण पर अयोध्या पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रामलला के दर्शन किए और ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि तथा कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका से मुलाकात भी की थी। इन मुलाकातों को अब ट्रस्ट की प्रस्तावित नई प्रशासनिक टीम से जोड़कर देखा जा रहा है।
मंदिर निर्माण का काम लगातार आगे बढ़ने के साथ तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर भी जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में निर्माण प्रक्रिया से जुड़े अनुभवी अधिकारियों और इंजीनियरों के अनुभव का इस्तेमाल आगे की व्यवस्थाओं में किया जा सकता है।
सीईओ की टीम में कई स्तरों पर होगा समन्वय
जितेंद्र मिश्र के सीईओ बनने के बाद अब उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तैयार करने पर जोर है। इस टीम में प्रशासनिक, तकनीकी और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को शामिल किए जाने की संभावना है।
ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ इसी टीम की महत्वपूर्ण कड़ी होंगे। इनके जरिए अलग-अलग विभागों और व्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की जाएगी। राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुविधाओं के विस्तार और निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को देखते हुए प्रशासनिक समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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ट्रस्ट की मुहर के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
दोनों पदों के लिए पैनल तैयार होने के बाद अब ट्रस्ट की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। माना जा रहा है कि प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक से पहले ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ के नामों पर फैसला हो सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय ट्रस्ट स्तर पर सहमति बनने के बाद ही होगा।
नई टीम के गठन के साथ राम मंदिर प्रशासन में जिम्मेदारियों का बंटवारा और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसका फोकस मंदिर निर्माण के अंतिम चरण, मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आने वाले समय की परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर रहेगा।



