Rekha Gupta Women Safety Statement: ‘हर पाबंदी लड़कियों पर ही क्यों?’ दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने समाज से पूछे बड़े सवाल
Rekha Gupta Women Safety Statement: मुख्यमंत्री ने कहा- सुरक्षा का मतलब लड़कियों की आजादी सीमित करना नहीं, बल्कि लड़कों को जिम्मेदारी और सम्मान का पाठ पढ़ाना है।
Rekha Gupta Women Safety Statement: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं की सुरक्षा और समाज में मौजूद दोहरे मानदंडों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी सुरक्षा की बात होती है तो सबसे पहले लड़कियों पर ही नियम, रोक-टोक और पाबंदियां क्यों लागू की जाती हैं। उनके अनुसार, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का रास्ता उनकी स्वतंत्रता सीमित करना नहीं, बल्कि लड़कों और पुरुषों को सम्मान, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की शिक्षा देना है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर परिवारों और समाज में लड़कियों को जल्दी घर लौटने, कम बाहर निकलने या अपनी गतिविधियों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन बहुत कम लोग लड़कों को यह समझाने पर ध्यान देते हैं कि महिलाओं का सम्मान कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सोच बदलने की जरूरत है।
लड़कों की परवरिश पर दिया जोर
रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून और पुलिस व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सोच और पारिवारिक संस्कारों से भी जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि लड़कों को बचपन से ही यह सिखाया जाना चाहिए कि महिलाओं की इच्छा, सम्मान और अधिकारों का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने “नो मीन्स नो” की अवधारणा को भी महत्वपूर्ण बताया।
महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में ऐसा माहौल होना चाहिए जहां महिलाएं बिना डर के शिक्षा, नौकरी और अपने सपनों को पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी लड़की को केवल सुरक्षा के नाम पर अपनी आजादी से समझौता नहीं करना चाहिए। समाज, प्रशासन और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच आया बयान
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हाल के दिनों में कई चर्चाएं और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सुरक्षा के पारंपरिक नजरिए पर सवाल उठाते हुए समाज को आत्ममंथन करने का संदेश दिया।
रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की सुरक्षा का अर्थ उन्हें सीमाओं में बांधना नहीं है, बल्कि ऐसा समाज बनाना है जहां उन्हें स्वतंत्रता, सम्मान और सुरक्षा एक साथ मिल सके।



