IAS IPS Dispute : Facebook से शुरू हुई IAS-IPS अफसरों की जंग पहुंची सुप्रीम कोर्ट, जानिये पूरा मामला

IAS IPS Dispute : कर्नाटक की IAS रोहिणी सिंदूरी और IPS डी. रूपा मौदगिल के बीच Facebook पोस्ट से शुरू हुआ विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने मीडिएशन का रास्ता सुझाया।

IAS IPS Dispute : कर्नाटक कैडर के दो वरिष्ठ अधिकारियों IPS अधिकारी डी. रूपा मौदगिल और IAS अधिकारी रोहिणी सिंदूरी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मीडिएशन के जरिए सुलझाने की कोशिश की जाएगी। Supreme Court ने दोनों अधिकारियों को आपसी बातचीत से विवाद खत्म करने की सलाह देते हुए पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुरियन जोसेफ को मध्यस्थ नियुक्त किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद फरवरी 2023 में एक Facebook पोस्ट से शुरू हुआ था। डी. रूपा मौदगिल ने सोशल मीडिया पर रोहिणी सिंदूरी को लेकर कुछ आरोप लगाए थे। आरोप था कि सिंदूरी ने अपनी निजी तस्वीरें अन्य IAS अधिकारियों के साथ साझा की थीं। यह मामला जल्द ही सार्वजनिक बहस का विषय बन गया और दोनों अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

विवाद बढ़ने पर कर्नाटक सरकार को दोनों अधिकारियों का तबादला करना पड़ा। इसके बाद रोहिणी सिंदूरी ने डी. रूपा मौदगिल को कानूनी नोटिस भेजकर बिना शर्त माफी और 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि आरोपों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और मानसिक पीड़ा हुई।

मार्च 2023 में बेंगलुरु की एक अदालत ने सिंदूरी की आपराधिक मानहानि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मौदगिल के खिलाफ कार्यवाही शुरू की। इसके बाद मौदगिल ने कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले को रद्द करने की मांग की, लेकिन हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि आरोपों की सुनवाई ट्रायल के जरिए होनी चाहिए।

दिसंबर 2023 में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान अदालत ने वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सार्वजनिक विवाद पर चिंता जताई और कहा कि ऐसे मामलों का असर प्रशासनिक व्यवस्था और सुशासन पर पड़ता है। कोर्ट ने मानहानि की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाते हुए दोनों अधिकारियों को मीडिया में बयानबाजी से बचने की सलाह दी थी।

मीडिएशन के जरिए समाधान संभव

हालिया सुनवाई में जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने कहा कि दोनों अधिकारी प्रतिष्ठित सेवा में हैं और लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़कर एक-दूसरे की पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अदालत ने माना कि मामले का समाधान मीडिएशन के जरिए संभव है।

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि दोनों अधिकारी सक्षम और प्रतिष्ठित हैं, इसलिए उन्हें विवाद को अदालत के बाहर आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। अब पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुरियन जोसेफ की निगरानी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होगी।

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