Uttar Pradesh News: देश को भगवान श्री कृष्ण एवं श्री रामचंद्र जी के गीता एवं रामायण की विशेष आवश्यकता: प्रांत संघचालक अंगराज सिंह
Uttar Pradesh News: असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय के महापर्व विजयादशमी के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मीरजापुर नगर के तत्वावधान में मीरजापुर नगर में भव्य एवं अनुशासित पथ संचलन का आयोजन रविवार को सायंकाल किया गया। राष्ट्रभक्ति के ज्वार और राष्ट्र-आराधना के संकल्प से ओतप्रोत इस आयोजन में स्वयंसेवकों का अनुशासन देखते ही बन रहा था। समारोह का शुभारंभ महंत शिवाला स्थित फन सिटी के मैदान से परंपरा के अनुसार पूर्ण गणवेश में सजे स्वयंसेवकों द्वारा शस्त्र पूजन और ध्वज प्रणाम के साथ हुआ।
तत्पश्चात, वात, घोष (बैंड) की गूंजती हुई देशभक्ति पूर्ण धुनों और भारत माता की जय के गगनभेदी उद्घोष के बीच पथ संचलन प्रारंभ हुआ। संचलन इमामबाडा, चेयगंज, बल्ली का अड्डा सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ समूचा वातावरण राष्ट्रवाद के रंग में सराबोर नजर आया। कदम से कदम मिलाकर चलते स्वयंसेवकों की अनुशासित कतारें, उनके हाथों में शोभायमान दंड और चेहरे पर राष्ट्र सेवा का भाव देख मार्ग में खड़े नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत भी किया। भारत माता के जयकारों से नगर गुंजायमान हो उठा।
पथ संचलन से पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघ चालक अंगराज सिंह जी, जिला संघ चालक शरद चंद उपाध्याय जी एवं नगर संघ चालक अशोक कुमार सोनी जी ने शस्त्र पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
तत्पश्चात प्रांत संघचालक अंगराज सिंह जी का पाथेय प्राप्त हुआ। उन्होने विजयादशमी और संघ के स्थापना दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहाकि आज ठीक है दिन महिषासुर का वध, अर्जुन द्वारा अज्ञातवास मे विराटनगर मे शमी और गांडीव का पूजन और अधर्म पर धर्म का विजय हुआ था। विजयादशमी के दिन ही स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विगत 101 वर्षों से अपने आम संगीत संगठनों के माध्यम से लेकर शस्त्र शास्त्र को कर में, जग को चले जगाने” के भाव के साथ आगे बढ रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में समरसता, अनुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना जागृत करने के लिए निरंतर संकल्पित है। पथ संचलन केवल एक मार्च नहीं, बल्कि समाज को सुगठित, अनुशासित और सशक्त बनाने का एक जीवंत संदेश है।
प्रांत संघ चालक ने कहा कि अब इस देश को भगवान श्री कृष्ण एवं श्री रामचंद्र जी के गीता एवं रामायण की विशेष आवश्यकता है, ताकि समाज उनके आदर्शों और पदचिन्हों पर चलकर भारत को परं वैभव की ओर ले जाने के संघ के राष्ट्रभाव को आगे बढा सकें।
उन्होंने कहा कि 400 साल तक शकों ने, हूडों ने युद्ध किया। मुगलों का प्रतीकार हुआ। इस काल मे आस्था पर चोट अत्याचार धर्म परिवर्तन जैसी त्रासदियों को झेलते हुए निरंतर संघर्ष हुआ और संघर्ष के फलत: यह देश आज भी जीवंत है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हिंदू संस्कृति कटुता और बेर का भाव नहीं रखता है विविधता में एकता हमारी विशेषता है।
आगे प्रांत संचालक अंग्रेज जी ने कहा कि संघ के संस्थापक डा. हेडगेवार जी ने शाखा रूपी जो कार्य पद्धति बनाई है उसे कार्य पद्धति के बल पर ही यह विश्व का सबसे बडा संगठन है और एक दिन संपूर्ण विश्व भगवा को अंगीकार भी करेगा।
इस भव्य आयोजन में जिला प्रचारक रजत प्रताप, सह विभाग संपर्क प्रमुख चंद्रमोहन, जिला कार्यवाह प्रविंद्र, विभाग धर्म जागरण संयोजक वीरेंद्र मौर्य, विभाग घोष प्रमुख नीलेश श्रीवास्तव, जिला बौद्धिक प्रमुख गुंजन चौधरी, नगर प्रचारक अंजनी, नगर कार्यवाह संतोष, लखन अग्रवाल, सह कार्यवाह अर्जुन, शारीरिक प्रमुख अखिलेश, सह शारीरिक प्रमुख अनमोल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल, नगर अध्यक्ष नितिन विश्वकर्मा, रवींद्र जायसवाल, एडवोकेट विनोद यादव, सोनू दीक्षित, विवेक पाठक, अनिल अग्रहरि सहित संघ के पदाधिकारी, सैकड़ों की संख्या में बाल, युवा और वयोवृद्ध स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। संचलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।
एक संदेश ब्यूरो चीफ सत्येन्द्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट



