Sanjay Singh: जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले सियासी पारा चढ़ा, संजय सिंह ने मोदी सरकार को घेरा; बोले- देश तानाशाही से नहीं चलेगा
Sanjay Singh: CJP के विरोध प्रदर्शन को AAP का समर्थन, केजरीवाल से मिले संजय सिंह; दिल्ली पुलिस ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लेने की दी जानकारी
Sanjay Singh: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रदर्शन से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया है। इसी बीच पार्टी के सांसद संजय सिंह अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचे और केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश को तानाशाही या हिटलरशाही के तरीके से नहीं चलाया जा सकता।
CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से प्रस्तावित इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। संजय सिंह ने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील करते हुए प्रदर्शन को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार बताया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग स्थानों से लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी दी है।
संजय सिंह का आरोप- आपातकाल से भी खराब हालात
अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में हालात बेहद खराब कर दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कथित वोट चोर को बचाने के लिए इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं।
AAP सांसद ने कहा कि देश में किसी भी व्यक्ति को तानाशाही के जरिए अपनी बात मनवाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर किसी व्यक्ति को बचाने के लिए इतनी सख्ती क्यों की जा रही है।
संजय सिंह ने यह भी कहा कि अगर लोगों को विरोध जताने से रोका जाएगा, तो इससे नाराजगी और बढ़ सकती है। उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है।
AAP ने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की
आम आदमी पार्टी ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। संजय सिंह ने पार्टी की ओर से लोगों से अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं, तो उन्हें प्रदर्शन स्थल तक जाने से क्यों रोका जा रहा है। AAP का कहना है कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर विरोध जताना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
हालांकि, प्रदर्शन के आयोजन, अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन तथा आयोजकों के रुख में अंतर सामने आया है। ऐसे में राजधानी में राजनीतिक बयानबाजी के साथ सुरक्षा इंतजाम भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
आतिशी ने मेट्रो स्टेशन बंद करने और भारी तैनाती का दावा किया
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और AAP नेता आतिशी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं और करीब 45 हजार पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं।
आतिशी ने यह भी दावा किया कि हजारों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है, बाजार बंद हैं और इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कदम चुनाव से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में एक व्यक्ति को बचाने के लिए उठाए जा रहे हैं।
आतिशी के ये आंकड़े और आरोप उनके बयान पर आधारित हैं। मेट्रो सेवाओं, इंटरनेट प्रतिबंधों और सुरक्षा तैनाती की वास्तविक स्थिति के लिए संबंधित प्रशासन की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
दिल्ली पुलिस ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लेने की बात कही
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों से समूहों में आ रहे करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि संभावित रूप से कानून-व्यवस्था बिगाड़ने से रोकने के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि वाले करीब 50 लोगों को पकड़ा गया है।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए नई दिल्ली क्षेत्र को 20 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के लिए एक डिटेंशन सेंटर बनाया गया है। इसके अलावा दिल्ली के स्टेडियमों में भी हिरासत में लिए गए लोगों को रखने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि इन इंतजामों का उद्देश्य राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। वहीं, विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
चुनाव आयोग और SIR को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव
चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल में CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन सामने आया है, जिसे AAP ने समर्थन दिया है।
एक ओर संजय सिंह और आतिशी ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने के आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की बात कह रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है और इसके बाद राजनीतिक दलों तथा प्रशासन की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।



