stock market crash: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट! खुलते ही 700 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों के उड़े होश

stock market crash: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में भारी दबाव देखने को मिला।

stock market crash: भारतीय शेयर बाजार ने नए सप्ताह की शुरुआत कमजोर रुख के साथ की। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही निवेशकों पर दबाव बढ़ गया और प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ लाल निशान में पहुंच गए। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 700 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 200 से ज्यादा अंकों की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

बाजार में आई इस गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा। कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय बाद सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लाखों करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

वैश्विक संकेतों ने बढ़ाई चिंता

विश्लेषकों के मुताबिक बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं का रहा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और आयात लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

इसके अलावा वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। बाजार में जोखिम लेने की क्षमता घटने के कारण बिकवाली का दबाव बढ़ा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी गिरावट की बड़ी वजह बनी हुई है। अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

किन सेक्टरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?

शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, FMCG और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई। कई बड़े बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर नकारात्मक असर पड़ा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे और व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

बाजार में आई इस तेज गिरावट का असर सीधे निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर अब घरेलू आर्थिक आंकड़ों, विदेशी निवेश प्रवाह और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर रहेगी।

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