Sonbhadra Sports News: एक से बढ़कर एक तीरंदाजों ने अपने खेल कौशल का दिखाया हुनर, कई चरणों की प्रतियोगिता में जगदीश बने प्रथम विजेता
सिदहवा लोट में आयोजित आदिवासी तीर-धनुष प्रतियोगिता में 55 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया भाग, विजेताओं को किया गया सम्मानित
Sonbhadra Sports News: थाना अनपरा परिक्षेत्र में स्थित सिदहवा लोट में आदिवासी तीर-धनुष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए अनपरा तापीय परियोजना के उप महाप्रबंधक ई. चंद्र विजय ने अपनी धर्मपत्नी शालिनी देवी के साथ डीहबाबा का पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
तीरंदाजी खेल में 55 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। कई चरणों में कार्यक्रम होता रहा। अंतिम चरण में तीन खिलाड़ियों ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया। प्रथम विजेता जगदीश, द्वितीय विजेता देव शरण खरवार तथा तृतीय विजेता देवेंद्र केवट ने अपने तीरंदाजी के हुनर से जीत हासिल की।
मुख्य अतिथि ई. चंद्र विजय, डीजीएम अनपरा तापीय परियोजना ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिदहवा लोट के खिलाड़ियों में बड़ी प्रतिभा है। तीरंदाजी खेल का उनका हुनर बहुत ही सराहनीय है। यदि वे इसी प्रकार प्रयास करते रहें तो एक दिन राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज खिलाड़ी बनकर सोनभद्र, उत्तर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आदिकाल से गिरिवासी एवं आदिवासी लोग अपनी आत्मरक्षा हेतु तीर-धनुष जैसे शस्त्रों का प्रयोग करते रहे हैं। कैमूर घाटी, विंध्य श्रृंखला पर्वत, रोहिणी क्षेत्र तथा वीर लोरिक-मंजरी और चंद्रकांता जैसी कथाएं इस क्षेत्र की पहचान रही हैं। जिला सोनभद्र, जहां कोल, भील, खरवार आदि तमाम जनजातियां निवास करती हैं, एक समय अपनी आत्मरक्षा एवं शिकार के लिए तीर-धनुष का प्रयोग करती थीं।
इस परंपरा की गिरती हुई साख को बचाने के लिए सोन आदिवासी शिल्पकला ग्रामोद्योग समिति के अध्यक्ष जगदीश साहनी के बैनर तले कई वर्षों से तीर-धनुष प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाता है। इस कार्यक्रम से हर वर्ष विजेता और पराजित प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ता है। हारने वाले प्रतिभागी अगले वर्ष की तैयारी में फिर से जुट जाते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों की सैकड़ों की संख्या में उपस्थिति रही और सभी ने तीरंदाजी खेल का आनंद लिया। सभी की निगाहें चिन्हित लक्ष्य पर टिकी थीं कि कौन खिलाड़ी बाजी मारेगा। धनुर्धर अपने-अपने तीर-धनुष से निशाना साधते रहे।
खेल में 50 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिन्हें प्रथम चरण में अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कई चरणों में चले इस खेल के अंतिम परिणाम में तीन खिलाड़ियों को विजेता घोषित किया गया। प्रथम स्थान पर ग्राम भेड़िया के जगदीश, द्वितीय स्थान पर ग्राम बर्रोहिया के देव शरण खरवार तथा तृतीय स्थान पर ग्राम मकरा के देवेंद्र केवट विजेता घोषित हुए।
प्रथम विजेता को हीरो कंपनी की साइकिल तथा द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को उपहार स्वरूप पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सिदहवा लोट ग्राम सभा निवासी एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी राज कुमार ने स्वर्गीय कवि ववला जी की पंक्तियां— “हम वनवासी बानी, कोल भील क बेटउवा, रउवा राजा बाबू हउवा, आइल बानी हमार गउवा, रउवा राजा बाबू हउवा” — गाकर सभी अतिथियों की आंखों को सजल कर दिया।
कार्यक्रम स्थल पर कुलडोमरी ग्राम सभा के ग्राम प्रधान पति भोला वैसवार, दीनदयाल यादव, देवमुरार यादव, राकेश कुमार निषाद, नीलेश मिश्र, गोरखनाथ वैसवार, शिव कुमार, शुभम श्रीवास्तव, रमेश पनिका, राजकुमार पनिका आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता अजय कुमार भारती ने किया।
स्थानीय पुलिस कार्यक्रम स्थल से नदारद रही, जबकि पूर्व में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद रहता था। जहां सैकड़ों की संख्या में आदिवासी ग्रामीण मौजूद रहे, वहीं इस बार पुलिस अनपरा कार्यक्रम के समापन के बाद मौके पर पहुंची।



