UPI: अमेरिका से भारत पैसे भेजना होगा और आसान! UPI-Zelle लिंक से मिनटों में होगा ट्रांसफर?

UPI: UPI और Zelle को जोड़ने की तैयारी के बीच अमेरिका से भारत पैसे भेजने की प्रक्रिया तेज और आसान होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे भारतीय प्रवासियों को बड़ा फायदा मिल सकता है।

UPI: भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है. इसी क्रम में अमेरिका के प्रमुख बैंकिंग संस्थानों में शामिल Bank of America एक ऐसे पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य अमेरिका के डिजिटल पेमेंट नेटवर्क Zelle को भारत के UPI सिस्टम से जोड़ना है.

अगर यह पहल सफल रहती है, तो अमेरिका में रहने वाले भारतीयों और वहां काम कर रहे पेशेवरों के लिए भारत पैसा भेजना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और तेज हो सकता है.

क्या है UPI-Zelle ब्रिज?

यह प्रस्तावित सिस्टम अमेरिका के Zelle नेटवर्क और भारत के UPI प्लेटफॉर्म के बीच एक डिजिटल कनेक्शन स्थापित करेगा. इसके जरिए सीमा पार भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है.

फिलहाल यह परियोजना शुरुआती परीक्षण चरण में है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी सीमित शुरुआत 2026 के अंत तक देखने को मिल सकती है.

भारतीय प्रवासियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

अमेरिका दुनिया में भारत को सबसे ज्यादा रेमिटेंस भेजने वाले देशों में शामिल है. हर साल करोड़ों डॉलर भारतीय परिवारों तक पहुंचते हैं. ऐसे में यदि UPI और Zelle के बीच सीधा तकनीकी संपर्क स्थापित होता है, तो ट्रांसफर की गति बढ़ सकती है और प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन सकती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका में रहने वाले भारतीय नागरिकों, छात्रों और प्रोफेशनल्स को सबसे अधिक लाभ मिल सकता है.

डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में बड़ा कदम

भारत का UPI पहले ही दुनिया के सबसे सफल रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में गिना जाता है. वहीं Zelle अमेरिका में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला डिजिटल भुगतान नेटवर्क है. दोनों प्रणालियों को जोड़ने की कोशिश डिजिटल फाइनेंस और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सेक्टर में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

क्या अमेरिका में सीधे UPI से भुगतान कर पाएंगे?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य अमेरिका से भारत पैसे भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाना है. इसका यह मतलब नहीं है कि भारतीय UPI ऐप अमेरिका में हर दुकान या व्यापारी के यहां उसी तरह काम करने लगेंगे जैसे भारत में करते हैं.

इस परियोजना से जुड़े विस्तृत नियम और सुविधाएं पायलट प्रोग्राम के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होंगी.

आगे क्या?

यदि परीक्षण सफल रहता है, तो यह भारत और अमेरिका के बीच डिजिटल भुगतान व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर की लागत और समय दोनों में कमी आने की संभावना भी जताई जा रही है. फिलहाल वित्तीय और तकनीकी विशेषज्ञ इस परियोजना पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह वैश्विक डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव ला सकती है.

written by Siddhi Srivastava

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