Yogi Adityanath: यूपी में कृषि विकास दर 18% पहुंचने का दावा, धान किसानों को 1.03 लाख करोड़ रुपये का भुगतान: योगी
Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का किया जिक्र, सिंचाई परियोजनाओं, एमएसपी और किसान सम्मान निधि को बताया अहम; खाद्यान्न उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 21% होने की जानकारी दी
Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र की प्रगति और किसानों के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वर्ष 2017 के बाद राज्य की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि सरकार बीज, सिंचाई, उपज के उचित मूल्य और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाओं पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उनके अनुसार, किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी व्यवस्थाओं के जरिए सहायता दी जा रही है।
खाद्यान्न उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान करीब 21 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने से कृषि क्षेत्र को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दुग्ध, गन्ना और गेहूं के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। सरकार की ओर से इन उपलब्धियों को कृषि क्षेत्र में किए गए प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है।
आठ वर्षों में धान खरीद पर 1.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक भुगतान
मुख्यमंत्री ने धान किसानों को किए गए भुगतान के आंकड़े भी साझा किए। उनके अनुसार, वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा गया। इसके बदले किसानों को 1,03,833 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा भुगतान किया गया।
सरकार के मुताबिक, समर्थन मूल्य पर खरीद का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य दिलाना और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस बार धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी।
एमएसपी पर खरीद और भुगतान की व्यवस्था किसानों की आय से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल है। हालांकि, वास्तविक लाभ का आकलन खरीद की मात्रा, लागत और किसानों तक भुगतान पहुंचने की स्थिति के आधार पर किया जाता है।
सिंचाई और बेहतर बीज पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खेती के लिए उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पहले किसानों को कर्ज और बिचौलियों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, जबकि अब सरकारी योजनाओं के जरिए सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की ओर से डीबीटी के माध्यम से लाभ पहुंचाने की व्यवस्था को भी इसी प्रयास का हिस्सा बताया गया है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जाती है।
किसान कल्याण को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि किसान प्रदेश की आर्थिक मजबूती और समृद्धि का आधार हैं। उन्होंने किसानों के अधिकारों की रक्षा करने और उनकी खुशहाली के लिए योजनाओं का लाभ लगातार पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
राज्य सरकार की ओर से कृषि विकास दर, धान खरीद और भुगतान से जुड़े आंकड़ों को कृषि क्षेत्र में हुए बदलाव के संकेत के रूप में पेश किया गया है। इन दावों के व्यापक आकलन के लिए संबंधित अवधि के आधिकारिक कृषि आंकड़ों, खरीद के रिकॉर्ड और किसानों की आय से जुड़े आंकड़ों को साथ देखकर स्थिति समझी जा सकती है।



