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ईमानदार टैक्सपेयर्स को हम दे रहे हैं रियायतें और राहत: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईमानदार टैक्सपेयर को लेकर विस्तार से बात की। उनसे सवाल किया गया कि आप ईमानदार टैक्सपेयर की हमेशा तारीफ करते हैं, लेकिन उन्हें ईमानदार होने का कोई वित्तीय लाभ या पुरस्कार नहीं दिया गया, इस बार के बजट में भी उनके लिए अलग से कोई घोषणा नहीं की गई। इसका उन्होंने उदाहरण के साथ विस्‍तार से जवाब दिया।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि पिछले साढ़े सात वर्षो में हमने लगातार इस तरह के कदम उठाए हैं जो साल दर साल ईमानदार टैक्सपेयर्स को छोटी-बड़ी सभी तरह की रियायतें और राहत दे रहे हैं। इसलिए यह कहना कि टैक्सपेयर को हमारी सरकार कोई लाभ नहीं पहुंचा रही है, यह बात ठीक नहीं है।उन्‍होंने कहा, “हमारी सरकार ने पिछले सात-आठ साल में ऐसे बहुत सारे कार्य किए हैं, जो ईमानदार टैक्सपेयर को प्रेरित करते हैं, प्रोत्साहित करते हैं और उन्हें सम्मानित भी करते हैं। हम भारत में पहली बार एक टैक्सपेयर चार्टर लाए हैं, जिसके अंतर्गत ईमानदार टैक्सपेयर की बात हुई, उसके अधिकारों की बात हुई। जहां तक वित्तीय लाभ की बात है तो आप देखिए कि 2014 में जिस टैक्सपेयर की आय पांच लाख रुपये थी, उसको 13,000 रुपये का टैक्स देना पड़ता था। यह राशि अब शून्य हो गई है। 15 लाख की आय वाला व्यक्ति जो 2014 में करीब-करीब एक लाख 90 हजार रुपये टैक्स देता था, आज एक लाख 24 हजार रुपये टैक्स देता है यानी 66 हजार की बचत। और यह तो सिर्फ आयकर की बात है।”पीएम मोदी ने कहा, “अगर आप और क्षेत्रों की भी बात करें, जैसे कि ऋण लेने की बात हो तो जो ईमानदार टैक्सपेयर गाड़ी, घर या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ऋण लेता था, उसको भी सहूलियत मिली है। उच्च शिक्षा का ऋण जो 14.75 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलता था, आज 8.65 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जा रहा है। उसी तरह जो घर खरीदने का सपना देखता है, उसे आज पहले के 10.3 प्रतिशत के मुकाबले अब साढ़े छह प्रतिशत पर लोन मिल रहा है। अपनी गाड़ी का सपना देखने वाला आज 12 प्रतिशत ब्याज देने की जगह साढ़े सात प्रतिशत ब्याज पर कर्ज ले सकता है। जो महंगाई की दर 2014 में हमारे सत्ता में आने से पूर्व नौ से दस प्रतिशत थी, आज वह चार से छह प्रतिशत के बीच में रहती है।

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