UP News : 2030-31 तक 500 से अधिक GCC स्थापित करने का लक्ष्य, सीएम योगी ने गिनाईं यूपी की उपलब्धियां
UP News : सीएम योगी ने GCC Innovation Summit 2026 में 2030-31 तक यूपी में 500 से अधिक GCC स्थापित करने का लक्ष्य बताया। जानें निवेश, रोजगार, स्टार्टअप और औद्योगिक विकास की प्रमुख बातें।

UP News : उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आधुनिक तकनीक और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित GCC Innovation Summit 2026 में कहा कि प्रदेश में वर्ष 2030-31 तक 500 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश असीमित संभावनाओं वाला राज्य है, जो निवेश, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश को अब उसकी विकास गति और बदलती आर्थिक तस्वीर से पहचाना जा रहा है। उनके मुताबिक, प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।
2017 से पहले निवेशक यूपी आने से कतराते थे: योगी
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अराजकता, अपराध, माफिया और नीतिगत अव्यवस्था से जुड़ी थी। उस समय निवेशक लखनऊ आने से भी इनकार कर देते थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट के लिए निवेशकों की अनिच्छा के कारण कार्यक्रम दिल्ली के पांच सितारा होटल में आयोजित करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार बनने के बाद औद्योगिक नीतियों, भूमि उपलब्धता और निवेश संबंधी प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया। पहले इन्वेस्टर समिट में 4.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। अब यह आंकड़ा 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने पिछली सरकार के कुछ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें देखकर लोग हंसेंगे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर गंभीरता की कमी थी।
साढ़े नौ साल में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में उत्तर प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), प्रति व्यक्ति आय, बजट और महिला कार्यबल की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर राजस्व अधिशेष राज्य बना है। प्रदेश के बजट में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर किया जा रहा है। सरकार का जोर सड़क, बिजली, हवाई संपर्क, औद्योगिक क्षेत्र और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।
यूपी में 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक, पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 36 सेक्टोरल पॉलिसी लागू की गई हैं। साथ ही, करीब 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में पांच अंतरराष्ट्रीय और 17 घरेलू एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। इसके अलावा मेट्रो नेटवर्क, रेल कनेक्टिविटी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया गया है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था विकसित की गई है, ताकि परियोजनाओं की मंजूरी और अन्य प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा सके।
25 हजार स्टार्टअप और 96 लाख MSME इकाइयां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र का विस्तार हुआ है। उनके अनुसार, वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 25 हजार हो गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 96 लाख MSME इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे तीन करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। सरकार ने ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने और कारीगरों को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया है।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रतिवर्ष करीब दो लाख STEM ग्रेजुएट तैयार कर रहा है। युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निवेश और सेमीकंडक्टर यूनिट
मुख्यमंत्री ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा को आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस क्षेत्र में फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, MSME पार्क, डेटा सेंटर पार्क और लॉजिस्टिक्स हब जैसी परियोजनाओं पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप निर्माण इकाई का काम शुरू होने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और डीरेगुलेशन के जरिए उद्योगों के लिए कारोबारी माहौल बेहतर बनाया जा रहा है।
डिफेंस कॉरिडोर से ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण को बढ़ावा
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में प्रदेश को 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए तकनीकी और औद्योगिक रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर भी विकसित किए जा रहे हैं।
यूपी को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का प्रमुख हब बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर आधुनिक कंपनियों के लिए तकनीकी सेवाओं, शोध, डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय सेवाओं और नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उत्तर प्रदेश में उपलब्ध युवा प्रतिभा, शैक्षणिक संस्थानों, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए इस क्षेत्र में विस्तार की संभावनाएं हैं।
उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से ज्ञान, शिक्षा और विचार-विमर्श की भूमि रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और वैश्विक कारोबारी गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनाया जाए।
कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, वरिष्ठ अधिकारी, आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



