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Bihar: हाथ टूटने पर डॉक्टर ने लगाया गर्दन में इंजेक्शन, 12 साल के बच्चे की हुई मौत

Bihar: जिला मुख्यालय मोतिहारी में एक डॉक्टर की लापरवाही से 12 साल के बच्चे की जान चली गयी। बच्चा घर का इकलौता चिराग था। जिसकी मौत होने के बाद परिजनो में कोहराम मचा है। सबका रो-रोकर हाल बुरा है।

परिजन आरोपी डॉक्टर और कंपाउंडर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मृत 12 वर्षीय बच्चे की पहचान पटेरवा निवासी बुलेट महतो के पुत्र प्रिंस के रूप में हुई है।परिजनों ने बताया कि बीते दिनो प्रिंस का हाथ टूट गया था। जिसका आपरेशन डॉ राजेेश्वर के यहां कराया गया था,लेकिन उसमे दर्द होने की शिकायत पर मोतिहारी के मिशन चौक स्थित डॉक्टर राजेश्वर कुमार के क्लिनिक में दुबारा आये थे। लेकिन यहां डॉक्टर ने टूटे हाथ का ऑपरेशन करने के बजाय बच्चे के गर्दन में इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही बच्चे की हालत बिगड़ने लगी, और कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गयी।

घटना की सूचना पर डॉक्टर के क्लीनिक में पहुंचे परिजन व अन्य आक्रोशित लोगों ने डॉक्टर के दो कंपाउंडर को बंधक बना लिया और शव को लेकर मुफ्फसिल थाना पहुंच कर अपनी व्यथा पुलिस बताया। मृतक की दादी पुनकली देवी ने बताया कि 12 साल का प्रिंस हमारा इकलौता पोता था। घर का वो इकलौता चिराग भी था। उनका पोता बिल्कुल ठीक था। एक बार डॉक्टर राजेश्वर कुमार ने ही उसके हाथ का ऑपरेशन किया था लेकिन हाथ में दर्द रहने के कारण उसे दोबारा ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर राजेश्वर ने बुलाया था। लेकिन इससे पहले बच्चे के गर्दन में इंजेक्शन दिया गया जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गयी।

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डॉ. राजेश्वर क्लिनिक के कंपाउंडर रामजी प्रसाद का कहना है कि बच्चे को इंजेक्शन दिया गया था लेकिन इंजेक्शन के बाद बच्चे को उल्टी होने लगी और कुछ देर बाद मौत हो गयी। कंपाउंडर ने बताया कि डॉक्टर राजेश्वर कुमार के यहां हम लोग काम करते हैं और उन्हीं के आदेश पर हमने बच्चों को इंजेक्शन दिया था। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हम लोगों को बंधक बना लिया है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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