adevertisment Adevertiisment banner

Uttarakhand: हरिद्वार जिला योजना समिति की बैठक में 67.35 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत

Uttarakhand: जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में बुधवार को सीसीआर सभागार में हरिद्वार जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 67.35 करोड़ रुपये की जिला योजना का अनुमोदन किया गया।

बैठक के दौरान मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएंगी ताकि जनपद का समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीमित बजट के बावजूद जनहित से जुड़ी उच्च प्राथमिकता की योजनाओं को विशेष महत्व दिया जाए।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाए और उनमें पारदर्शिता लाई जाए। उन्होंने जानकारी दी कि सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ लखनऊ में शीघ्र बैठक प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं।

बाढ़ नियंत्रण और वन क्षेत्र में विकास

बाढ़ नियंत्रण को लेकर उन्होंने कहा कि नालों पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाएगा और सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इकबालपुर नहर में 450 क्यूसेक पानी की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। इसके अलावा, सीलाखाले क्षेत्र के लिए भी योजनाएं तैयार हैं।

वन विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए जंगलों में आने-जाने वाले मार्गों पर मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता से संबंधित सूचना पट्ट लगाए जाएं। इसके साथ ही, जंगलों के पास बसे गांवों में गांव का नाम दर्शाने वाले बोर्ड भी लगाए जाएं ताकि भ्रमण करने वालों को कोई असुविधा न हो।

स्वास्थ्य और कोविड-19 की तैयारियां

स्वास्थ्य विभाग को कोविड-19 के संभावित नए वेरिएंट से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने आमजन से अपील की कि बदलती जीवनशैली में योग और आयुर्वेद को अपनाएं तथा अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें।

बजट का वर्गीकरण और प्राथमिकताएं

मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6735.60 लाख रुपये का कुल परिव्यय प्रस्तावित है। इसमें:

  • सामान्य मद के लिए – ₹5297.60 लाख

  • अनुसूचित जाति मद – ₹1404.50 लाख

  • अनुसूचित जनजाति मद – ₹33.50 लाख

उन्होंने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस बजट का लगभग 65% भाग चालू एवं वचनबद्ध योजनाओं पर और 35% भाग नई योजनाओं पर व्यय किया जाएगा।

19% से अधिक बजट स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु आरक्षित किया गया है। नवाचार एवं अभिनव कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, सभी निर्माण कार्यों की जियो टैगिंग कार्य शुरू होने और पूर्ण होने के बाद अनिवार्य रूप से की जाएगी।

सतत विकास लक्ष्य और पारदर्शिता

जिला योजना को स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि विकास कार्यों में प्रभावशीलता और पारदर्शिता बनी रहे। जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

Uttarakhand: also read- Kaushambhi: पंचायत भवन में पंचायत सहायक से मारपीट, भ्रष्टाचार का विरोध करना पंचायत सहायक को पड़ा महंगा

बैठक में शामिल गणमान्य

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, मेयर किरन जैसल, विधायक फुरकान अहमद, आदेश सिंह चौहान, मौहम्मद शहजाद, काजी निजामुद्दीन, वीरेन्द्र जाती, ई. रवि बहादुर, प्रदीप बत्रा, ममता राकेश, अनुपमा रावत, दर्जा राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, राजेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, डीएफओ वैभव सिंह, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह, और अन्य संबंधित अधिकारी तथा समिति सदस्य उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button