Prayagraj News-इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र योग संग करेंगे पोषण कि पढ़ाई 2026-27 सत्र से शुरू होगा 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स
Prayagraj News-Allahabad University students will study nutrition along with yoga. 5-year integrated course will start from the 2026-27 session.
Prayagraj News-उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने आगामी 2026-27 शैक्षणिक सत्र से योग और पोषण में पांच वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी 2020 के तहत तैयार यह पाठ्यक्रम छात्रों को आधुनिक और पारंपरिक ज्ञान का समन्वित अध्ययन प्रदान करेगा। इस कोर्स का संचालन विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि, यह पाठ्यक्रम योग, ध्यान, दर्शनशास्त्र, संज्ञानात्मक विज्ञान तथा भोजन एवं पोषण जैसे विविध विषयों का समावेश करेगा। छात्रों को अष्टांग योग, शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित आहार की गहन जानकारी दी जाएगी, जिससे वे न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बन सकें। इस वर्ष सीयूईटी की वेबसाइट पर विश्वविद्यालय द्वारा संचालित 18 पाठ्यक्रमों की सूची जारी की गई है, जिसमें योग और पोषण को भी शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय ने इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड भी निर्धारित कर दिए हैं। कला, विज्ञान और वाणिज्य वर्ग से इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके छात्र इस कोर्स में प्रवेश के पात्र होंगे। पाठ्यक्रम की विशेषता इसकी लचीलापन प्रणाली है। पांच वर्षीय इस कोर्स में मल्टी-एंट्री और मल्टी-एग्जिट विकल्प उपलब्ध होगा।
पहले वर्ष के बाद छात्र सर्टिफिकेट, दूसरे वर्ष में डिप्लोमा, तीसरे वर्ष में स्नातक डिग्री, चौथे वर्ष में ऑनर्स और पांचवें वर्ष के अंत में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त कर छात्रों को दी जाएगी। यह व्यवस्था छात्रों को अपनी आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुसार पढ़ाई जारी रखने या बीच में छोड़ने का विकल्प प्रदान करेगी। कोर्स के अंतर्गत पतंजलि योग सूत्र, योग मनोविज्ञान, प्राकृतिक चिकित्सा, तनाव प्रबंधन, स्वास्थ्य के लिए पोषण, योग के माध्यम से उपचार जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, शारीरिक शिक्षा, संस्कृत और संज्ञानात्मक विज्ञान विभागों के विशेषज्ञ अपने-अपने शोध पत्र और व्याख्यान देंगे। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर जया कपूर ने बताया कि इस कोर्स में पांच वर्षों के दौरान 50 से अधिक विषयों का अध्ययन कराया जाएगा।
पिछले वर्ष विश्वविद्यालय में सीयूईटी के माध्यम से 17 पाठ्यक्रमों में प्रवेश आयोजित किए गए थे, जबकि इस बार पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाकर 18 कर दी गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने विभिन्न कोर्सों के लिए विषय संयोजनों की सूची भी जारी कर दी है। बी.एड. कार्यक्रम में 100 विषय संयोजन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त बी.वोक, बीसीए, एमसीए, पांच वर्षीय बीए (परिवार एवं सामुदायिक विज्ञान), बी.कॉम, बीबीए-एमबीए, पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन तथा फैशन डिजाइन प्रौद्योगिकी जैसे व्यावसायिक और पारंपरिक पाठ्यक्रम भी शामिल किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि योग और पोषण जैसे विषयों का समावेश वर्तमान समय की जरूरत है, जहां जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में यह नया पाठ्यक्रम युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा।
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रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी प्रयागराज।



