Prayagraj News-जीरो बैलेंस पर कटेगी बिजली: स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर भ्रांतियां दूर, उपभोक्ताओं को मिलेगा पारदर्शी बिल

Prayagraj News-स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में फैली कई तरह की भ्रांतियों पर अब विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सबसे बड़ी उलझन यह थी कि आखिर कितना बैलेंस होने पर बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने साफ किया है कि अब जैसे ही बैलेंस जीरो होगा, बिजली स्वतः कट जाएगी। इससे पहले यह जानकारी स्पष्ट न होने के कारण उपभोक्ताओं में असमंजस बना हुआ था।

बिजली विभाग के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगने की तिथि से एक माह के भीतर मीटर पोस्टपेड प्रणाली से प्रीपेड में बदल जाएगा। इस नई व्यवस्था से विभाग और उपभोक्ता दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। रामबाग डिवीजन के एक्सईएन उमाकांत ने बताया कि प्रीपेड प्रणाली लागू होने से विभाग को समय पर राजस्व प्राप्त होगा, वहीं उपभोक्ताओं को बिलिंग में पूरी पारदर्शिता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहती, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ेगा।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं का पिछला बिल बकाया है और उनकी बिजली कटी हुई है, उनके लिए राहत की व्यवस्था की गई है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उपभोक्ता पर 10 हजार रुपये का बकाया है, तो उसे केवल 10 प्रतिशत यानी 1 हजार रुपये जमा कराकर नया रिचार्ज कराना होगा। इससे उसकी बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी, हालांकि उसका बैलेंस अभी भी माइनस में रहेगा।

विभाग के अनुसार, जब तक उपभोक्ता अपने पूरे बकाया बिल का भुगतान नहीं कर देता, तब तक उसका बैलेंस पॉजिटिव नहीं होगा। यानी उसे नियमित रूप से रिचार्ज के साथ-साथ पुराने बकाए की भरपाई भी करनी होगी। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे बकाया चुकाने का अवसर देती है, जिससे एकमुश्त बड़ी रकम जमा करने का दबाव कम होता है।

कल्याणी देवी डिवीजन के एक्सईएन शशांक गुप्ता ने बताया कि प्रीपेड कनेक्शन का बिल पोस्टपेड की तुलना में लगभग दो प्रतिशत कम आता है। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर न केवल बिलिंग प्रक्रिया को आसान बनाता है, बल्कि उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर नियंत्रण रखने में भी मदद करता है।

विभाग का मानना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली चोरी पर भी प्रभावी रोक लगेगी और ऊर्जा प्रबंधन बेहतर होगा। वहीं उपभोक्ताओं को अब अनुमानित बिल या गलत रीडिंग जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।

हालांकि, कुछ उपभोक्ता अभी भी नई प्रणाली को लेकर आशंकित हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता बढ़ने के साथ ही इन भ्रांतियों का स्वतः समाधान हो जाएगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय-समय पर अपना बैलेंस चेक करते रहें और आवश्यकता अनुसार रिचार्ज कराते रहें, ताकि बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।

Read Also-Ethanol Cooking Fuel: रसोई गैस का नया विकल्प तैयार! एथेनॉल से कुकिंग की योजना पर सरकार का बड़ा कदम

Related Articles

Back to top button