India Germany defense deal: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने तीन दिवसीय जर्मनी दौरे पर हैं, जहां भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई मिलने की संभावना है। इस दौरे में सबसे अहम मुद्दा 6 अत्याधुनिक पारंपरिक पनडुब्बियों की डील माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित कीमत 70 हजार करोड़ रुपये से 99 हजार करोड़ रुपये तक हो सकती है।
यह डील भारत के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 75I के तहत की जा रही है। प्रस्तावित समझौते के अनुसार, इन पनडुब्बियों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड इस परियोजना का प्रमुख केंद्र होगा, जबकि जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी।
राजनाथ सिंह इस यात्रा के दौरान जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। बातचीत में रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
“मेक इन इंडिया” पहल के तहत इस डील को भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध प्रणाली जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
इस यात्रा में रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन प्रशिक्षण और सैन्य सहयोग जैसे कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर की संभावना है। साथ ही, दोनों देशों के बीच चल रही रक्षा परियोजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
करीब 7 साल बाद किसी भारतीय कैबिनेट मंत्री का जर्मनी दौरा हो रहा है, जिससे इस यात्रा का महत्व और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा भारत-जर्मनी रक्षा संबंधों को नई दिशा देने और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।