NTA ने NEET UG री-टेस्ट पेपर लीक के दावों को बताया फर्जी, छात्रों को दी सख्त चेतावनी

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 री-एग्जाम के प्रश्नपत्र लीक होने और बिकने संबंधी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। एजेंसी ने कहा है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही ऐसी खबरें पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और धोखाधड़ी का हिस्सा हैं। NTA ने छात्रों और अभिभावकों से इन अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है।

NTA ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि कुछ संगठित चीटिंग रैकेट और साइबर ठग NEET UG 2026 री-टेस्ट के प्रश्नपत्र तक पहले से पहुंच दिलाने का झांसा देकर छात्रों और उनके परिवारों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसी के मुताबिक, ऐसे लोग फर्जी प्रश्नपत्र और झूठे दावे दिखाकर अभ्यर्थियों से पैसे ऐंठने का प्रयास कर रहे हैं।

संगठित गिरोह फैला रहे हैं अफवाहें

NTA ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सभी दावे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। एजेंसी के अनुसार, कुछ संगठित गिरोह छात्रों की परीक्षा संबंधी चिंता का फायदा उठाकर उन्हें ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर आर्थिक लाभ कमाना है।

परीक्षा की सुरक्षा के लिए सभी इंतजाम

एजेंसी ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। NTA ने भरोसा दिलाया कि परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से आयोजित की जाएगी।

फर्जी खबर फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

NTA ने चेतावनी दी है कि फर्जी प्रश्नपत्र, गलत जानकारी या भ्रामक सामग्री बनाने, साझा करने या आगे भेजने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने बताया कि सोशल मीडिया पर ऐसे अकाउंट और पोस्ट की पहचान की जा रही है तथा उनकी जानकारी साइबर क्राइम एजेंसियों और संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म को भेजी जा रही है।

छात्रों को दी गई अहम सलाह

NTA ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि वे किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावे पर भरोसा न करें और ऐसे किसी भी प्रस्ताव के बदले पैसे न दें। एजेंसी ने अभ्यर्थियों को केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है।

21 जून को होगा री-टेस्ट

गौरतलब है कि NEET UG 2026 की परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की जानी थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। अब री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। कथित पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है।

सरकार भी रख रही है नजर

इस मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

NTA ने अंत में छात्रों से अफवाहों से दूर रहकर अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है और कहा है कि उनकी मेहनत और योग्यता ही सफलता की कुंजी है।

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