Education News India: इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे ज्यादातर छात्रों के मन में JEE Main को लेकर कई सवाल होते हैं। खासकर यह कि इस परीक्षा को कितनी बार दिया जा सकता है और अगर इसमें मनचाही रैंक नहीं मिले तो आगे क्या किया जाए।
कितने मौके मिलते हैं JEE Main देने के?
National Testing Agency (NTA) के नियमों के मुताबिक, कोई भी छात्र लगातार तीन साल तक JEE Main दे सकता है। यह परीक्षा हर साल दो बार आयोजित होती है, इसलिए कुल मिलाकर छात्रों को छह बार परीक्षा देने का मौका मिलता है। छात्र 12वीं की पढ़ाई के दौरान पहली बार परीक्षा दे सकता है और उसके बाद अगले दो साल तक इसमें शामिल हो सकता है। अगर JEE Main में अच्छी रैंक नहीं आती, तो भी इंजीनियर बनने के कई विकल्प मौजूद रहते हैं।
कई राज्यों में अपनी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं होती हैं, जैसे WBJEE, MHT CET और KCET। यहां प्रतियोगिता अपेक्षाकृत कम होती है और अच्छे कॉलेज मिलने की संभावना रहती है।
प्राइवेट यूनिवर्सिटी के विकल्प
देश की प्रमुख निजी संस्थान जैसे BITS Pilani, VIT, SRM Institute of Science and Technology और Manipal Academy of Higher Education अपनी अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं। छात्र पॉलिटेक्निक डिप्लोमा करने के बाद लेटरल एंट्री के जरिए सीधे इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष में दाखिला ले सकते हैं।
Also Read: Chardham Yatra: बस कुछ घंटों का इंतजार… खुलने जा रहे हैं बदरीनाथ धाम के कपाट, तय हुआ शुभ मुहूर्त
सही विकल्प से पूरा हो सकता है सपना
विशेषज्ञों का मानना है कि JEE Main में असफलता का मतलब करियर खत्म होना नहीं है। सही जानकारी और विकल्पों के साथ छात्र अपने इंजीनियर बनने के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।
Written By: Kalpana Pandey