New Delhi News: यूएनजीए अध्यक्ष की नई दिल्ली यात्रा से मिलेगी भारत-यूएन संबंधों को मजबूती

एस. जयशंकर और एनालेना बेयरबॉक के बीच हुई अहम बैठक, बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

New Delhi News: संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मुलाकात की। यह मुलाकात बेयरबॉक की भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान हुई, जिसमें वैश्विक मुद्दों और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की गई।

भारतीय विदेश मंत्री के साथ बेयरबॉक की चर्चा मुख्य तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुधार (यूएन80), सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावों और पश्चिम एशिया संघर्ष पर केंद्रित रही। यह बैठक भारत-संयुक्त राष्ट्र संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित थी। इस दौरान डॉ. जयशंकर ने समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने के लिए सुधारित बहुपक्षवाद और ग्लोबल साउथ की आवाज पर जोर दिया।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बैठक की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा आज दोपहर नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक की मेजबानी करना मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय रहा। हमने यूएन80, एसडीजी, एआई के प्रभावों और पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की। उन्होंने आगे कहा हमने एक ऐसे सुधारित बहुपक्षवाद की आवश्यकता पर जोर दिया, जो आज की वास्तविकताओं, विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ की वास्तविकताओं, को परिलक्षित करता हो। उनके नेतृत्व और योगदान के लिए हमने उनका आभार व्यक्त किया।

बेयरबॉक विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर के निमंत्रण पर नई दिल्ली पहुंची थीं। उनके आगमन पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा बेयरबॉक का भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा पर हार्दिक स्वागत है। यह यात्रा संयुक्त राष्ट्र के साथ भारत की अटूट प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करती है।

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विदेश मंत्री से मुलाकात से पहले बेयरबॉक ने सुबह राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ एआई के संचालन और विनियमन पर आयोजित एक संवाद सत्र में भी हिस्सा लिया। इस दौरान बेयरबॉक ने भारत के एआई गवर्नेंस मॉडल और रेगुलेशन फ्रेमवर्क को समझने में रुचि दिखाई।

इस अवसर डॉ. जयशंकर ने एक बार फिर ग्लोबल साउथ (गरीब एवं विकासशील देश) के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने रेखांकित किया कि एआई तकनीक का लाभ सभी देशों, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ को मिलना चाहिए, ताकि कोई भी पीछे न रहे।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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