International News: ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत भारत ने श्रीलंका पुलिस को सौंपे 134 वाहन, सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
30 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की सहायता से खरीदे गए वाहन श्रीलंका पुलिस को सौंपे गए, कानून-व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी मजबूती
International News: Colombo। भारत सरकार ने अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत श्रीलंका के साथ सहयोग को और मजबूत करते हुए श्रीलंका पुलिस को 134 सिंगल कैब वाहनों का बेड़ा सौंपा है। यह सहायता ‘भारत-श्रीलंका मित्रता कार्यक्रम’ के अंतर्गत दी गई है।
एक विशेष समारोह में श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त Santosh Jha ने 30 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की अनुदान सहायता से खरीदे गए वाहनों को श्रीलंका पुलिस को सौंपा। इस कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake भी मौजूद रहे।
कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा पर फोकस
यह कार्यक्रम कोलंबो स्थित प्रेसिडेंशियल सचिवालय में आयोजित किया गया। समारोह में श्रीलंका के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री Ananda Wijepala और पुलिस महानिरीक्षक Priyantha Weerasooriya भी शामिल हुए।
भारतीय उच्चायोग के अनुसार इन वाहनों का उपयोग कानून-व्यवस्था बनाए रखने, गश्त बढ़ाने और आपातकालीन स्थितियों में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने के लिए किया जाएगा। इससे श्रीलंका में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
भारत-श्रीलंका साझेदारी का अहम कदम

भारतीय उच्चायोग ने बताया कि श्रीलंका पुलिस के अनुरोध पर जनवरी 2025 में इन वाहनों की आपूर्ति को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह पहल राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की भारत यात्रा के बाद शुरू की गई प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है।
भारत और श्रीलंका के बीच हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचा, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देशों ने जन-केंद्रित विकास साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई है।
‘क्लीन श्रीलंका मिशन’ को भी मिलेगा समर्थन
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह पहल श्रीलंका के ‘क्लीन श्रीलंका मिशन’ को भी मजबूती देगी। इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और संकट में फंसे लोगों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सकेगी।
भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति के तहत श्रीलंका को लगातार आर्थिक, तकनीकी और विकास सहायता दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों का यह हस्तांतरण दोनों देशों के मजबूत रिश्तों और क्षेत्रीय सहयोग का एक और बड़ा उदाहरण है।



