UP Startup Policy 2026 : ‘जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा’, सीएम योगी बोले – नई स्टार्टअप नीति-2026 से यूपी को मिलेगा नवाचार का नया इंजन

UP Startup Policy 2026 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर नीति की समीक्षा करते हुए युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनाने पर जोर दिया। यूपी में 2030 तक 2 गीगावाट अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

UP Startup Policy 2026 : उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा स्टार्टअप और नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई स्टार्टअप नीति-2026 तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति, विशाल उपभोक्ता बाजार, मजबूत डिजिटल ढांचा और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल उत्तर प्रदेश को नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बना सकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई स्टार्टअप नीति का मूल उद्देश्य युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार पैदा करने वाला बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक हर स्तर पर संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

महिला, दिव्यांग और पूर्वांचल-बुंदेलखंड के स्टार्टअप्स को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई नीति में भरण-पोषण भत्ता, प्रोटोटाइप विकास अनुदान, सीड कैपिटल सहायता, पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों तथा पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र के स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रावधान शामिल किए जाएं।

एआई, रोबोटिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, क्वांटम टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस, स्पेस टेक्नोलॉजी और हेल्थ-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। इसके लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स और अनुसंधान आधारित नवाचार को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने प्रदेश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाने तथा विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। लखनऊ और नोएडा में प्रस्तावित यू-हब को डीप-टेक इनोवेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

यूपी स्टार्टअप मिशन के गठन पर भी मंथन

बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन, वित्तीय प्रबंधन, क्षमता निर्माण और नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2018 में स्टार्टअप रैंकिंग में ‘एस्पायरिंग लीडर’ श्रेणी में शामिल उत्तर प्रदेश वर्ष 2025 में भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में ‘टॉप परफॉर्मर’ राज्य बन चुका है।

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आएगी नई डेटा सेंटर नीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेटा सेंटर नीति-2021 की समीक्षा करते हुए वर्ष 2030 तक प्रदेश में 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने अधिकारियों को निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप नई और अधिक आकर्षक डेटा सेंटर नीति तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। नई नीति में एआई आधारित कंप्यूटिंग, ग्रीन डेटा सेंटर, उच्चस्तरीय कनेक्टिविटी, त्वरित अनुमोदन व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार डेटा सेंटर नीति-2021 के तहत अब तक 21,342.90 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश में छह डेटा सेंटर पार्क और दो डेटा सेंटर इकाइयां संचालित हैं, जबकि 644 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट विभिन्न चरणों में विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डेटा सेंटर विकास को केवल एनसीआर क्षेत्र तक सीमित न रखकर लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ सहित अन्य शहरों तक विस्तारित किया जाए, ताकि डिजिटल निवेश और रोजगार के अवसर प्रदेश के सभी क्षेत्रों तक पहुंच सकें।

Related Articles

Back to top button