Afzal Ansari Arms Licence FIR: गाजीपुर में शस्त्र लाइसेंस जांच से हड़कंप, सपा सांसद अफजाल अंसारी समेत 3 पर FIR

मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े लाइसेंसों की जांच में रिकॉर्ड गायब, लाइसेंसी रायफल का नहीं मिला सुराग

Afzal Ansari Arms Licence FIR: मुख्तार अंसारी के कथित गैंग से जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंसों की चल रही जांच के दौरान पुलिस को कई अहम अनियमितताएं मिली हैं। जांच में सरकारी अभिलेखों से कुछ महत्वपूर्ण फाइलें गायब मिलने और एक लाइसेंसी रायफल का पता नहीं चलने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्तार अंसारी, उनके परिजनों और आईएस-191 गिरोह से जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। मामले में सांसद अफजाल अंसारी के अलावा तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक असफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम को भी नामजद किया गया है।

जांच में क्या सामने आया?

पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि अफजाल अंसारी के नाम पर जारी शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मूल अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल का भी सत्यापन नहीं हो सका। जांच के दौरान हथियार की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई, जिससे मामले को गंभीर मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

प्राथमिकी में आर्म्स एक्ट के साथ अन्य संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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51 लाइसेंस और 145 हथियारों की हो रही जांच

पुलिस इस समय कुल 51 शस्त्र लाइसेंस और 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन कर रही है। जांच के दौरान कुछ मामलों में दस्तावेजों के गायब होने और हथियारों का रिकॉर्ड अधूरा मिलने की बात सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि कुछ अभिलेख जानबूझकर हटाए गए हो सकते हैं, जिसकी भी जांच की जा रही है।

जांच जारी, आगे हो सकती है और कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दस्तावेजों की पड़ताल, हथियारों के सत्यापन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी है।

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