Lucknow News : ISKF उत्तर प्रदेश का पांचवां राज्य सम्मेलन सम्पन्न, भारत-नेपाल सांस्कृतिक मैत्री और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर हुआ मंथन

Lucknow News : लखनऊ में ISKF उत्तर प्रदेश का पांचवां राज्य सम्मेलन सम्पन्न हुआ। भारत-नेपाल सांस्कृतिक सहयोग, विश्व शांति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर संगोष्ठी आयोजित हुई।

Lucknow News : भारतीय सांस्कृतिक सहयोग एवं मैत्री संघ (इस्कफ) उत्तर प्रदेश का दो दिवसीय पांचवां राज्य सम्मेलन 25 और 26 जुलाई को निशातगंज स्थित ऑल इंडिया कैफ़ी आज़मी एकेडमी में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन के दौरान संगठन की स्थापना के 85 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर “नव साम्राज्यवाद के दौर में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की चुनौतियां” विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें भारत और नेपाल के साहित्यकारों, सांस्कृतिक कर्मियों तथा बुद्धिजीवियों ने भाग लेकर वैश्विक शांति, सांस्कृतिक सहयोग और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विचार साझा किए।

सम्मेलन का उद्घाटन इस्कफ के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. विजय कुमार पड़िहारी ने किया। उन्होंने संगठन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 1941 में रूस में “फ्रेंड्स ऑफ सोवियत यूनियन” के रूप में हुई थी। बाद में इसका नाम इंडो-सोवियत कल्चरल सोसायटी रखा गया और सोवियत संघ के विघटन के बाद भारत में वर्ष 1993 से यह संगठन भारतीय सांस्कृतिक सहयोग एवं मैत्री संघ (इस्कफ) के नाम से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर विश्व शांति, सांस्कृतिक एकता और मानवीय सहयोग के लिए कार्य करता है।

मुख्य वक्ता प्रो. रमेश दीक्षित ने वैश्विक राजनीति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि नव साम्राज्यवाद के दौर में छोटे और विकासशील देशों के सामने गंभीर चुनौतियां हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का उल्लेख करते हुए विश्व में लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रसिद्ध साहित्यकार शकील सिद्दीकी ने कहा कि वर्तमान समय में देश वैचारिक और सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है तथा ऐसे समय में इस्कफ का राज्य सम्मेलन नई वैचारिक और सांस्कृतिक ऊर्जा प्रदान करेगा। प्रो. सुहैब शेरवानी ने संगठन के विस्तार को उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. सूरज बहादुर थापा ने भारत, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच सांस्कृतिक एवं साहित्यिक आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया।

सम्मेलन के दौरान नेपाल से आए दस सदस्यीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतिनिधिमंडल ने भी भागीदारी की। “एक शाम कैफ़ी के नाम” शीर्षक से आयोजित सांस्कृतिक संध्या में नेपाली लोकगीत, लोकनृत्य, कवि सम्मेलन और मुशायरे ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. रीता चौधरी, डॉ. फ़िदा हुसैन और रामप्रकाश बेखुद ने की, जबकि संचालन अतीक काशगंजवी ने किया। कार्यक्रम में हरगोविन्द यादव, बम्पर बहराइची, रईस सिद्दीकी, पी.के. प्रचंड, शालिनी सिंह, हरि प्रसाद तिमिलसिना, मीना बराल, कल्पना पौडेल, सुरेन्द्र राही और शारिक रब्बानी सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

सम्मेलन के दूसरे दिन संगठन के सांगठनिक चुनाव सम्पन्न हुए। 21 सदस्यीय नई राज्य समिति का गठन किया गया। अध्यक्ष मंडल में प्रो. सुहैब शेरवानी को अध्यक्ष, शारिक रब्बानी को कार्यकारी अध्यक्ष तथा आनंद मालवीय, मंजू शास्त्री और प्रो. आनंद दीपायन को अध्यक्ष मंडल सदस्य चुना गया। जितेंद्र हरि पाण्डेय एडवोकेट को प्रादेशिक महासचिव तथा अमित यादव को सहायक सचिव निर्वाचित किया गया।

संगठन के संरक्षक मंडल में प्रो. रूपरेखा वर्मा, विभूति नारायण राय (पूर्व आईपीएस), प्रो. दीपक मलिक, प्रो. रमेश दीक्षित, सुरेन्द्र राही, अरविंद राज स्वरूप और मोतीलाल को शामिल किया गया। सम्मेलन के समापन अवसर पर कैफ़ी आज़मी एकेडमी के संचालक सईद उर्फ सरवत मेंहदी ने सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस्कफ के इस राज्य सम्मेलन में भारत-नेपाल सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने, विश्व शांति, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया गया।

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