Parliament Monsoon Session: राम मंदिर चढ़ावा विवाद और छात्र प्रदर्शन पर संसद में हंगामा, विपक्ष का प्रदर्शन; लोकसभा 2 बजे तक स्थगित

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

गुरुवार सुबह संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राम मंदिर चढ़ावा विवाद और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया।

प्रियंका गांधी भी प्रदर्शन में शामिल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा प्रदर्शन में शामिल हुईं।

विपक्षी नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की। उनका कहना था कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

वहीं, विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

शुरू होते ही ठप हुई लोकसभा

लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई।

हालांकि, विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।

नतीजतन, लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

राज्यसभा में पेश होगा पेपर लीक बिल

आज राज्यसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पेश किया जाएगा।

इस विधेयक पर करीब सात घंटे चर्चा होने की संभावना है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी बहस में हिस्सा ले सकते हैं।

लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है बिल

यह विधेयक बुधवार को लोकसभा में पारित हो चुका है।

करीब सात घंटे चली बहस के बाद सदन ने इसे मंजूरी दी थी।

सरकार का दावा है कि नया कानून पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

हालांकि, विपक्ष का कहना है कि केवल सजा बढ़ाने से समस्या खत्म नहीं होगी।

उनके अनुसार परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है।

वेणुगोपाल ने अमित शाह से मांगा जवाब

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि छात्रों पर कार्रवाई का आदेश किसने दिया, इसका जवाब गृह मंत्री को देना चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने पुलिस कार्रवाई की जांच की भी मांग की।

दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा की मांग

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा कराने की मांग की।

तिवारी का कहना है कि मौजूदा कानून में कई खामियां हैं। इसलिए ऐसा ढांचा बनाया जाना चाहिए जो अवसरवादी दलबदल को रोके और जनप्रतिनिधियों की असहमति की आवाज भी सुरक्षित रखे।

आज का दिन क्यों अहम?

एक ओर विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।

वहीं दूसरी ओर सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाना चाहती है।

इसलिए संसद का आज का दिन राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button