Sports News: 25 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास, कौन हैं इंग्लैंड के जॉन टर्नर? चोटों ने खत्म किया युवा पेसर का करियर
इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज जॉन टर्नर ने महज 25 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया है।
क्रिकेट में 25 साल की उम्र को किसी भी खिलाड़ी के करियर का बेहद अहम दौर माना जाता है। आमतौर पर इस उम्र में खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह पक्की करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज जॉन टर्नर ने इसी उम्र में क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है।
जॉन टर्नर के इस फैसले ने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया है। महज 25 साल की उम्र में उनका प्रोफेशनल क्रिकेट करियर खत्म हो गया। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह लगातार बनी रहने वाली चोटें और स्ट्रेस फ्रैक्चर बताए जा रहे हैं।
कौन हैं जॉन टर्नर?
जॉन टर्नर इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज रहे हैं। अपनी तेज गेंदबाजी और प्रभावशाली प्रदर्शन की वजह से उन्होंने कम समय में क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा था। युवा उम्र में ही उन्होंने इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और भविष्य के संभावित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में उनका नाम लिया जाने लगा।
टर्नर की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज गेंदबाजी थी। हालांकि, उनका करियर चोटों से लगातार प्रभावित होता रहा। बार-बार होने वाली शारीरिक परेशानियों ने उनकी क्रिकेट यात्रा को मुश्किल बना दिया।
चोटों ने बदल दी पूरी कहानी
जॉन टर्नर के करियर के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनकी फिटनेस रही। लगातार चोटों और स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण उन्हें मैदान से बाहर रहना पड़ा।
तेज गेंदबाजों के लिए स्ट्रेस फ्रैक्चर बेहद गंभीर समस्या हो सकती है, क्योंकि लगातार तेज गेंदबाजी करने से शरीर पर काफी दबाव पड़ता है। जॉन टर्नर भी इस समस्या से जूझते रहे।
बार-बार चोटिल होने के कारण उनके लिए क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाना मुश्किल होता गया। आखिरकार उन्होंने कम उम्र में ही प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया।
25 साल की उम्र में क्यों लिया संन्यास?
टर्नर के संन्यास का सबसे बड़ा कारण लगातार चोटों से पैदा हुई मुश्किलें मानी जा रही हैं। एक युवा खिलाड़ी के लिए लगातार रिहैबिलिटेशन, मैदान से बाहर रहना और फिर वापसी की कोशिश करना मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
जॉन टर्नर ने तमाम कोशिशों के बावजूद जब महसूस किया कि चोटों की वजह से वह अपने क्रिकेट करियर को उस तरह आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं, जैसा वह चाहते थे, तो उन्होंने संन्यास का फैसला किया।
युवा उम्र में खत्म हुआ तेज गेंदबाज का सफर
जॉन टर्नर का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 25 साल की उम्र में ज्यादातर क्रिकेटर अपने करियर के सबसे महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश करते हैं। इस उम्र में संन्यास लेना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान फैसला नहीं होता।
टर्नर के लिए भी यह फैसला निश्चित तौर पर भावनात्मक रहा होगा, लेकिन लगातार चोटों से जूझने के बाद उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनाने का निर्णय लिया।
फैंस को हमेशा रहेगा मलाल
जॉन टर्नर के संन्यास के बाद क्रिकेट फैंस के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर चोटों ने उनका साथ दिया होता तो वह अपने करियर में कितना आगे जा सकते थे।
उनमें तेज गेंदबाजी की प्रतिभा थी और युवा उम्र में ही उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया था। लेकिन खेल में प्रतिभा के साथ फिटनेस भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। चोटों ने टर्नर के करियर को वह लंबाई नहीं दी, जिसकी उम्मीद उनसे की जा रही थी।
महज 25 साल की उम्र में जॉन टर्नर का प्रोफेशनल क्रिकेट को अलविदा कहना निश्चित तौर पर क्रिकेट जगत की उन कहानियों में शामिल हो गया है, जहां प्रतिभा मौजूद थी, लेकिन चोटों ने खिलाड़ी के सफर को समय से पहले रोक दिया।



