Monsoon Session : संसद परिसर बना सियासी अखाड़ा, NDA-विपक्ष आमने-सामने; छात्रों पर कार्रवाई को लेकर घमासान
Monsoon Session : संसद के मानसून सत्र में NDA और विपक्ष आमने-सामने आ गए। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, राहुल गांधी और अमित शाह को लेकर प्रदर्शन व नारेबाजी से संसद में हंगामा हुआ।
Monsoon Session : संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में मंगलवार को संसद परिसर सियासी टकराव का केंद्र बन गया। एनडीए और विपक्षी सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। मकर द्वार के पास दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया, जबकि विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की।
राहुल गांधी को लेकर बीजेपी का प्रदर्शन
भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के झारखंड नहीं जाने को लेकर सवाल उठाया। इसी दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा के संसद पहुंचने पर भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर प्रियंका गांधी भाजपा सांसदों के पास पहुंचीं और कहा कि राहुल गांधी झारखंड जा चुके हैं और छात्रों से मुलाकात भी कर चुके हैं।
इस दौरान संसद परिसर में दोनों पक्षों के सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। प्रदर्शन और नारेबाजी के चलते कुछ देर के लिए संसद परिसर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
लोकसभा में भी हंगामा
संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन के साथ ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे की भेंट चढ़ गई। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा।
इसके बाद सदन की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे तक स्थगित की गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। करीब आधे घंटे बाद लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा विपक्ष
विपक्ष दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। सरकार ने सोमवार को संकेत दिया था कि अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। सरकार की ओर से कहा गया कि सुरक्षाबलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के लगाए जा रहे आरोपों पर सदन में चर्चा की जा सकती है।
हालांकि, राहुल गांधी का कहना है कि विपक्ष केवल गृह मंत्री की राय नहीं सुनना चाहता, बल्कि यह जानना चाहता है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।
अंतिम दौर में भी टकराव के आसार
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और 13 अगस्त को समाप्त होना है। सत्र के अंतिम दिनों में लगातार हंगामे के कारण संसद का कामकाज प्रभावित हुआ है। मंगलवार को संसद परिसर में हुए प्रदर्शन और सदन के भीतर हंगामे से साफ है कि सत्र के आखिरी दौर में भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
हंगामे के बीच दो बिल बिना चर्चा पास
हंगामे के बीच लोकसभा ने केरल (नाम में बदलाव) विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के पारित कर दिया।
सरकार के अनुसार, लोकसभा अब तक 11 विधेयक पारित कर चुकी है, लेकिन इनमें से केवल दो विधेयकों पर ही चर्चा हो सकी है। विपक्ष इसे संसदीय प्रक्रिया की अनदेखी बता रहा है और सरकार पर बिना पर्याप्त चर्चा के विधेयक पारित कराने का आरोप लगा रहा है।
‘वंदे मातरम्’ विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी
इसी बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘वंदे मातरम्’ विधेयक को मंजूरी दे दी। इसके बाद राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी सुरक्षा मिलने का प्रावधान लागू हो गया है।
कानून के तहत ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या किसी सभा को इसे गाने से रोकना दंडनीय अपराध होगा। ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
‘डरिए मत, भागिए मत… शाह को सुनने का साहस दिखाएं’ : बीजेपी
संसद के मानसून सत्र के आखिरी दो कार्यदिवसों से पहले भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “डरिए मत, भागिए मत। सदन में गृह मंत्री अमित शाह का बयान सुनने का साहस दिखाइए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सत्र के दौरान सदन से दूर रहते हैं और बाद में विदेश चले जाते हैं।
सरकार का कहना है कि अमित शाह छात्रों के प्रदर्शन और 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं। सरकार की ओर से विस्तृत चर्चा की भी पेशकश की गई है।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई और अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे पर माफी मांगें। कांग्रेस ने कहा है कि जब तक इन मुद्दों पर जवाब नहीं मिलता, उसका विरोध जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को सामान्य मुद्दों पर गृह मंत्री अमित शाह की राय नहीं सुननी, बल्कि यह जवाब चाहिए कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।



