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UP News: 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, सीएम योगी बोले- ‘गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा’

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटे। उन्होंने छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य बताया और सपा पर निशाना साधा।

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UP News: उत्तर प्रदेश में मिशन रोजगार के तहत सोमवार को 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार, ग्राम पंचायतों के विकास और प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने युवाओं के अधिकारों पर डकैती डाली और पिछड़ों-दलितों को योजनाओं से वंचित रखा, वही अब नए स्लोगन और नए स्वरूप के साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग ‘‘गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं’’ और जनता को इनसे सावधान रहने की जरूरत है।

छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य

सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल नियुक्तियों की संख्या गिनते रहें और सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटती रहेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक 20 सितंबर के बाद यह चौथी नियुक्ति पत्र वितरण प्रक्रिया है और अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।

उन्होंने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि एक युवा को नौकरी मिलने से केवल उसकी नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशी बढ़ती है। उन्होंने नियुक्ति पत्र मिलने के दिन को युवाओं और उनके परिवारों के लिए होली-दीवाली जैसा अवसर बताया।

‘2017 से पहले योग्यता के बावजूद नहीं मिलती थी नौकरी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के युवाओं में नौकरी को लेकर आशंका और निराशा का माहौल था। उनके मुताबिक योग्यता होने के बावजूद कई युवाओं को केवल पहुंच नहीं होने के कारण सरकारी नौकरी से दूर रहना पड़ता था।

सीएम ने दावा किया कि 2017 के बाद सरकार ने पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को बढ़ावा दिया। उनके अनुसार अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और इन युवाओं की प्रतिभा प्रदेश के विकास में योगदान दे रही है।

‘अब यूपी में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले माफिया के सामने लोग झुकते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब नागरिक सीना तानकर चलता है और माफिया सिर झुकाकर चलता है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब कोई माफिया हथियारों के साथ काफिला लेकर नहीं चल सकता।

भगत सिंह की जयंती पर नियुक्ति पत्र वितरण

मुख्यमंत्री ने शहीद भगत सिंह की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि भगत सिंह ने देश के लिए बलिदान दिया था और उस समय उनकी उम्र महज 23 वर्ष थी। उन्होंने कहा कि आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है।

सीएम ने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने प्रदेश में स्वच्छता अभियान और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार 28 सितंबर 2023 को उत्तर प्रदेश के 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य हासिल किया था।

इंसेफेलाइटिस को लेकर सपा पर हमला

मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रदेश के करीब 30 जिलों में गंदगी और अन्य कारणों से मस्तिष्क ज्वर यानी इंसेफेलाइटिस के मामलों में बच्चों की मौत होती थी।

उन्होंने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज का जिक्र करते हुए कहा कि पहले अस्पतालों में एक बेड पर कई-कई बच्चों का इलाज करना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का दौरा तक नहीं किया। हालांकि ये आरोप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में लगाए हैं।

हर ग्राम पंचायत में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि ग्राम पंचायतों को केवल सरकारी धन पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आय बढ़ाने की दिशा में भी काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो ग्राम पंचायत जितनी अधिक आय अर्जित करेगी, सरकार की ओर से उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को गांवों के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका मजबूत होने से ग्राम पंचायतों की व्यवस्था भी प्रभावी होगी।

उन्होंने ग्राम सचिवालय, डिजिटल लाइब्रेरी, कॉन्फ्रेंस रूम, बीसी सखी, रोजगार सेवक, अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप और सामुदायिक शौचालय जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे गांवों में रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

‘ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा और उत्तर प्रदेश तभी विकसित होगा, जब गांव और ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बनेंगी।

उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारियों से गांवों में युवाओं को नई तकनीक, इनोवेशन और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्लंबर जैसे स्थानीय कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की बात भी कही।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर गांव में कोई नल की टोटी चोरी कर लेता है तो पानी बहता रहेगा और इसका नुकसान ग्राम पंचायत को होगा। ऐसे में स्थानीय युवाओं को मरम्मत और तकनीकी कामों का प्रशिक्षण देकर गांव में ही सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

ओम प्रकाश राजभर ने भी सरकार की भर्ती प्रक्रिया को बताया पारदर्शी

कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय सरकारी नौकरी का विज्ञापन जारी होते ही कथित तौर पर पदों के हिसाब से रकम तय करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में बिना भेदभाव और लेनदेन के सरकारी नियुक्तियां की जा रही हैं।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने इसे सरकार की उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत समेत कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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