Breakup Tips: ब्रेकअप के तुरंत बाद भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना बढ़ सकता है दर्द और पछतावा
रिश्ता टूटने के बाद भावनाएं काफी उलझी हुई होती हैं। ऐसे में जल्दबाजी में लिए गए फैसले स्थिति को और मुश्किल बना सकते हैं। जानिए ब्रेकअप के तुरंत बाद किन 5 गलतियों से बचना बेहतर है।
Breakup Tips: ब्रेकअप किसी भी व्यक्ति के लिए आसान अनुभव नहीं होता। रिश्ता खत्म होने के बाद सिर्फ एक व्यक्ति की कमी महसूस नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की आदतें, बातचीत और साथ बिताए गए छोटे-छोटे पल भी अचानक जिंदगी से गायब हो जाते हैं। यही वजह है कि ब्रेकअप के शुरुआती दिनों में भावनाएं काफी ज्यादा हावी रहती हैं और व्यक्ति कई बार ऐसे फैसले ले लेता है, जिनका बाद में पछतावा होता है।
ऐसे समय में एक्स को फोन करने, बार-बार मैसेज भेजने या सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने का मन करना सामान्य है। लेकिन खुद को थोड़ा समय देना और भावनाओं को शांत होने का मौका देना ज्यादा बेहतर हो सकता है। अगर आपका हाल ही में ब्रेकअप हुआ है, तो इन पांच गलतियों से दूरी बनाना आपके लिए मददगार हो सकता है।
बार-बार एक्स को कॉल या मैसेज न करें
ब्रेकअप के बाद सबसे पहले मन करता है कि एक बार एक्स से बात करके सब कुछ ठीक कर लिया जाए। कई बार लगता है कि एक आखिरी बातचीत से सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे या सामने वाला वापस रिश्ते में आ जाएगा। लेकिन जब भावनाएं बहुत ज्यादा हावी हों, तब की गई बातचीत अक्सर स्थिति को और उलझा सकती है।
बार-बार कॉल या मैसेज करने से बहस, गलतफहमी और भावनात्मक तनाव बढ़ सकता है। खासकर देर रात भावनाओं में आकर भेजा गया मैसेज अगले दिन पछतावे की वजह बन सकता है। अगर कोई जरूरी बात करनी भी है, तो पहले खुद को थोड़ा समय दें और शांत मन से फैसला लें।
एक्स का सोशल मीडिया बार-बार चेक न करें
ब्रेकअप के बाद एक्स की सोशल मीडिया प्रोफाइल देखना काफी सामान्य है, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे आपको आगे बढ़ने से रोक सकती है। एक बार प्रोफाइल देखने के बाद व्यक्ति उनकी स्टोरी, फोटो, लाइक्स, फॉलोअर्स और कमेंट्स तक देखने लगता है।
कई बार सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली छोटी-सी चीज को लेकर भी मन में कई तरह के सवाल पैदा होने लगते हैं। आप यह सोच सकते हैं कि एक्स किसके साथ खुश है, किसके साथ समय बिता रहा है या किसी पोस्ट का इशारा किस तरफ है। इससे आपका ध्यान बार-बार उसी रिश्ते की तरफ जाता रहता है। इसलिए कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाना या एक्स की प्रोफाइल म्यूट करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
अकेलेपन से बचने के लिए तुरंत नया रिश्ता शुरू न करें
ब्रेकअप के बाद किसी नए व्यक्ति से मिलना या डेट करना अपने आप में गलत नहीं है। समस्या तब होती है जब नया रिश्ता सिर्फ पुराने रिश्ते का दर्द भूलने या एक्स को जलाने के लिए शुरू किया जाए।
ऐसे में व्यक्ति अनजाने में नए पार्टनर की तुलना एक्स से करने लगता है। इससे नए रिश्ते के साथ भी न्याय नहीं हो पाता और भावनात्मक उलझन बनी रहती है। हर व्यक्ति के लिए ब्रेकअप के बाद आगे बढ़ने का समय अलग होता है। इसलिए कोई तय समयसीमा जरूरी नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि आप खुद से पूछें कि क्या आप वास्तव में नए रिश्ते के लिए भावनात्मक रूप से तैयार हैं।
खुद को पूरी तरह अकेला न कर लें
ब्रेकअप के बाद कुछ समय अकेले रहना और अपनी भावनाओं को समझना जरूरी हो सकता है, लेकिन खुद को पूरी तरह लोगों से काट लेना सही नहीं है। दोस्तों और परिवार से दूरी बनाने पर अकेलापन और नकारात्मक विचार ज्यादा हावी हो सकते हैं।
ऐसे समय में किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य से बात करना मददगार हो सकता है। जरूरी नहीं कि आप हर बार अपने ब्रेकअप के बारे में ही बात करें। साथ में बाहर जाना, कोई फिल्म देखना, घूमना या अपनी पसंद का कोई काम करना भी मन को दूसरी चीजों में लगाने में मदद कर सकता है।
खुद को दोष देना या तुरंत बड़ा फैसला न लें
रिश्ता खत्म होने के बाद कई लोग लगातार खुद को दोष देने लगते हैं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने कोई अलग फैसला लिया होता तो रिश्ता बच सकता था। लेकिन हर रिश्ते के खत्म होने की जिम्मेदारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं होती।
इसी तरह ब्रेकअप के तुरंत बाद नौकरी छोड़ना, शहर बदलना, अपनी जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव करना या गुस्से में कोई फैसला लेना भी सही नहीं हो सकता। भावनाएं जब थोड़ी शांत हों, तब बड़े फैसलों पर विचार करना बेहतर रहता है।
ब्रेकअप के बाद खुद को संभलने के लिए समय देना कमजोरी नहीं है। हर व्यक्ति का आगे बढ़ने का तरीका अलग होता है। जरूरी है कि आप अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें समझें और धीरे-धीरे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी पर वापस लौटने की कोशिश करें। अगर उदासी या भावनात्मक परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति या योग्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से बात करना भी एक अच्छा कदम हो सकता है।



