Ramdev Kangana Ranaut Controversy: मैं ओछे लोगों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता’, रामदेव का कंगना रनौत पर तंज; दोनों के बीच बढ़ी जुबानी जंग
कंगना रनौत और योगगुरु रामदेव के बीच पिछले कुछ दिनों से बयानबाजी जारी है। कंगना की टिप्पणी पर रामदेव ने कहा कि वह विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और ‘ओछे लोगों’ पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
Ramdev Kangana Ranaut Controversy: योगगुरु रामदेव और बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बीच चल रही जुबानी जंग अब और तीखी होती नजर आ रही है। रविवार को हरिद्वार में रामदेव से जब कंगना रनौत की हालिया टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कंगना का नाम लेने से परहेज किया, लेकिन अपने जवाब में उन पर तंज जरूर कस दिया।
रामदेव ने कहा कि वह इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उन्होंने कहा कि देश स्वामी रामदेव को जानता है और उनके योगदान से भी परिचित है। इसी के बाद उन्होंने कहा कि वह ‘ओछे लोगों’ के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। रामदेव के इस बयान को कंगना रनौत की हालिया टिप्पणी का जवाब माना जा रहा है।
दरअसल, दोनों के बीच विवाद की शुरुआत कंगना रनौत के Gen-Z को लेकर दिए गए बयान से हुई थी। कंगना ने नई पीढ़ी के लिए ‘गटर जनरेशन’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था। उनके इस बयान पर रामदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि युवाओं को इस तरह संबोधित करना सही सोच नहीं है। उन्होंने युवाओं को ‘जनरेशन गटर’ कहना खराब सोच की निशानी बताया था।
रामदेव की इस टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने भी पलटवार किया था। उन्होंने रामदेव पर तंज कसते हुए कहा था कि उनकी जवानी या बेडरूम के ख्याली पुलाव न पकाए जाएं। कंगना की इस टिप्पणी के बाद दोनों के बीच बयानबाजी और ज्यादा चर्चा में आ गई।
अब रविवार को जब रामदेव से कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि वह विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते। उन्होंने अपने सामाजिक और सार्वजनिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि देश उनके बारे में जानता है। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह ओछे लोगों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
रामदेव ने इस दौरान ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संतों ने एक देश, एक चुनाव की पहल को अपना आशीर्वाद दिया है। उनके मुताबिक, देश में लंबे समय तक चुनावी प्रक्रिया चलने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा लगता है कि पूरे साल चुनाव ही चलते रहते हैं।
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योगगुरु ने कहा कि एक देश, एक चुनाव की व्यवस्था लागू होने से शिक्षा व्यवस्था समेत कई क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश बढ़ सकती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाली पहल बताया और कहा कि इससे देश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
रामदेव ने सामाजिक सम्मान और संविधान के संदर्भ में भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जिस तरह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों का अपमान संविधान के खिलाफ माना जाता है, उसी तरह ब्राह्मणों का अपमान भी संविधान के खिलाफ माना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ अन्याय की शिकायतें सामने आती रहती हैं। रामदेव ने छात्रों, मरीजों, सैनिकों और किसानों के साथ-साथ SC/ST समुदायों और ब्राह्मणों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि किसी भी समुदाय या वर्ग के अपमान को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
रामदेव और कंगना रनौत के बीच जारी यह विवाद अब सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों की ओर से लगातार सामने आ रहे बयानों ने इस मामले को और सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, रामदेव ने अपने ताजा बयान में विवाद को आगे बढ़ाने से इनकार किया है, लेकिन ‘ओछे लोगों’ वाली उनकी टिप्पणी को कंगना पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है।


