NEET-PG की दोबारा परीक्षा आज, जयपुर में 2499 छात्र होंगे शामिल

30 अगस्त को बिजली और सर्वर की गड़बड़ी से प्रभावित हुए अभ्यर्थियों के लिए आज पांच केंद्रों पर दोबारा कराई जा रही परीक्षा

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज नीट-पीजी की पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है। यह री-एग्जाम उन अभ्यर्थियों के लिए कराया जा रहा है, जो 30 अगस्त को हुई मूल परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के चलते अपना पेपर पूरा नहीं कर सके थे।

पहले क्यों रद्द करनी पड़ी परीक्षा

मूल परीक्षा के दिन जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे सर्वर ठप पड़ गया और कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बड़ी रुकावट आ गई। इस वजह से कई छात्र तय समय में अपना पेपर हल नहीं कर पाए। छात्रों के विरोध और नुकसान को देखते हुए राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया।

आज कब और कैसे होगी परीक्षा

पुनर्परीक्षा आज दोपहर 3 बजे से शाम साढ़े 6 बजे तक कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें कुल 2,499 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए जयपुर में पांच अलग-अलग केंद्र बनाए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों की पूरी सूची

  • शंकरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी — 280 अभ्यर्थी
  • अलंकार महिला पीजी महाविद्यालय — 350 अभ्यर्थी
  • जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज — 640 अभ्यर्थी
  • ऑरोबिंदो इंटरनेशनल स्कूल — 340 अभ्यर्थी
  • श्री बालाजी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी — 889 अभ्यर्थी

बिजली और तकनीकी व्यवस्थाओं पर खास ध्यान

पिछली बार की गड़बड़ी को देखते हुए इस बार प्रशासन ने कोई कमी न रहे इसके पूरे इंतजाम किए हैं। बिजली वितरण निगम को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को कंप्यूटर और इंटरनेट व्यवस्था दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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सुरक्षा और अन्य सुविधाओं के इंतजाम

परीक्षा को नकल-मुक्त और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल के साथ फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किया गया है। साइबर सुरक्षा पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा पेयजल, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और साफ-सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

प्रशासन का लक्ष्य

जिला प्रशासन का मुख्य फोकस परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवधान-मुक्त तरीके से संपन्न कराना है, ताकि प्रभावित छात्रों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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