Iqra Hasan House Arrest: सहारनपुर बुलडोजर एक्शन के बीच सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट, कलेक्ट्रेट के सभी गेट सील
कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर जारी ध्वस्तीकरण के विरोध में जा रहीं सांसद को आवास पर ही रोका गया, इमरान मसूद बोले- यह संविधान पर हमला
Iqra Hasan House Arrest: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद पर जारी बुलडोजर कार्रवाई ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस बीच शामली-कैराना से समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोकते हुए उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया है, जिसके बाद उन्होंने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं।
क्या हुआ इकरा हसन के साथ
सांसद इकरा हसन कार्रवाई का विरोध जताने और स्थानीय लोगों की बात प्रशासन तक पहुंचाने के इरादे से सहारनपुर जाने वाली थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से निकलने ही नहीं दिया। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधि की आवाज़ दबाने की कोशिश बताया और सवाल उठाया कि जनता के मुद्दे पर अधिकारियों से मिलना कैसे गलत हो सकता है।
इमरान मसूद का तीखा बयान
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पूरी कार्रवाई को संविधान-विरोधी करार दिया। उनका कहना था कि रातभर उनकी टीम अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश करती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद की मिल्कियत को लेकर पुराने दस्तावेज़ मौजूद हैं और कोर्ट के आदेश में तय समय-सीमा खत्म होने से पहले ही कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने इसे कानूनी दायरे में रहकर लड़ने की बात कही और दिन को क्षेत्र के लिए दुखद बताया।
कलेक्ट्रेट के सभी गेट सील, बाहरी लोगों की एंट्री बैन
कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट पूरी तरह सील कर दिए गए, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति अंदर न पहुंच सके। यह कदम किसी भी तरह की भीड़ या टकराव को रोकने के मकसद से उठाया गया बताया जा रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई: सुबह 4 बजे से शुरू
बता दें कि अदालत के आदेश के बाद यह कार्रवाई सुबह करीब 4 बजे से शुरू हुई। मस्जिद को गिराने के लिए 6 बुलडोजर मौके पर लगाए गए, जिनमें से अब तक ढांचे का एक हिस्सा ध्वस्त किया जा चुका है। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने बीते महीने इस निर्माण को अवैध ठहराते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था।
Saharanpur: अदालती आदेश के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू
भारी सुरक्षा बल तैनात
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर SDM, सिटी मजिस्ट्रेट के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है।
आगे क्या
विपक्षी नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को कानूनी रास्ते से आगे बढ़ाएंगे, जबकि प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में हो रही है। मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।



