Modi-Putin Meeting : यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और व्यापार… मोदी-पुतिन के बीच किन मुद्दों पर हुई बात?
Modi-Putin Meeting : पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात में यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए संवाद-कूटनीति, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य पर चर्चा हुई।

Modi-Putin Meeting : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई मुलाकात में एक बार फिर यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को सबसे प्रभावी रास्ता बताया। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की प्रगति के साथ-साथ यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया के संघर्ष और भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
यह मुलाकात नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में हुई। मोदी और पुतिन की करीब दो सप्ताह के भीतर यह दूसरी बैठक थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।
यूक्रेन युद्ध पर भारत का स्पष्ट रुख
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में दोहराया कि संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। भारत ने शांति प्रयासों में सहयोग करने की अपनी तत्परता भी दोहराई।
मोदी इससे पहले भी रूस के राष्ट्रपति से कह चुके हैं कि यह युद्ध का युग नहीं है और लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
पश्चिम एशिया और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
बैठक में पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों के कारण समुद्री व्यापार पर पड़ रहे असर तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
हाल के सप्ताहों में ब्लैक सी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम पांच भारतीय नाविकों की मौत हुई है। इन घटनाओं को लेकर भारत रूस और यूक्रेन, दोनों के समक्ष विरोध दर्ज करा चुका है और इन्हें अस्वीकार्य बताया है।
2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर चर्चा
द्विपक्षीय संबंधों के तहत दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष सहयोग की समीक्षा की। इसके अलावा कुशल भारतीय श्रमिकों के लिए रूस में अवसर बढ़ाने, महत्वपूर्ण खनिजों, उर्वरक आपूर्ति और दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा लगभग 60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में रेलवे, इस्पात मूल्य श्रृंखला और रूसी बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, भारत का रूस को निर्यात पिछले कुछ वर्षों से करीब 5 अरब डॉलर के आसपास बना हुआ है, जबकि रूस से भारत का आयात मुख्य रूप से ऊर्जा खरीद के कारण काफी बढ़ा है। व्यापार संतुलन सुधारना दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।
इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी का भी दौरा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने भारत मंडपम में आयोजित रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘इनोप्रोम इंडिया’ का भी दौरा किया। यह प्रदर्शनी पहली बार भारत में आयोजित की गई है और दोनों नेताओं ने इसे औद्योगिक एवं व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
24वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए रूस जाएंगे पीएम मोदी
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन का रूस यात्रा का निमंत्रण स्वीकार कर लिया। यह यात्रा भारत-रूस के 24वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए होगी। हालांकि, यात्रा की तारीखों का निर्धारण दोनों देशों के राजनयिक माध्यमों से किया जाएगा।
दोनों नेताओं ने ब्रिक्स के भीतर सहयोग बढ़ाने और भारत-रूस की विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई।



