सैमसन ने साफ कहा कि टीम के भीतर किसी खिलाड़ी को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं देखा जाता। उनके अनुसार सभी खिलाड़ी देश के लिए खेलते हैं और टीम की सफलता ही सबसे महत्वपूर्ण होती है।
प्रतिद्वंद्विता के सवाल पर क्या बोले सैमसन?
दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजू सैमसन से वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि बाहरी लोग भले खिलाड़ियों को प्रतिद्वंद्वी मानते हों, लेकिन टीम के अंदर माहौल अलग होता है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि किसे मौका मिला और किसे नहीं। उनका मानना है कि ऐसी सोच टीम के माहौल के लिए सही नहीं होती।
बल्ले से भी दिया जवाब
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन ने तेजतर्रार पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 22 गेंदों पर 57 रन बनाए। उनकी इस पारी ने ओपनिंग स्लॉट को लेकर चल रही चर्चा को और दिलचस्प बना दिया है।
सोशल मीडिया से दूर रहते हैं सैमसन
संजू सैमसन ने यह भी स्वीकार किया कि वह सोशल मीडिया और इंटरनेट से दूरी बनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि कई बार क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियां उनके सामने आ जाती हैं।
सैमसन ने कहा कि भारतीय क्रिकेटरों को लगातार मिलने वाली प्रतिक्रियाओं और चर्चाओं के बीच मानसिक रूप से मजबूत रहना पड़ता है। उन्होंने माना कि बाहरी शोर हमेशा रहेगा, लेकिन खिलाड़ियों का फोकस मैदान पर प्रदर्शन करने पर होना चाहिए।
2028 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बढ़ी चर्चा
भारत की टी20 टीम में भविष्य के ओपनिंग संयोजन को लेकर बहस जारी है। वैभव सूर्यवंशी को युवा प्रतिभा के रूप में देखा जा रहा है, जबकि अभिषेक शर्मा भी शानदार फॉर्म में हैं। दूसरी ओर, संजू सैमसन अनुभव और हालिया प्रदर्शन के दम पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं।
फिलहाल टीम प्रबंधन किस खिलाड़ी पर लंबे समय के लिए भरोसा जताता है, यह आने वाले महीनों में साफ हो सकेगा। लेकिन इतना तय है कि ओपनिंग स्लॉट के लिए प्रतिस्पर्धा भारतीय टीम को और मजबूत बनाने का काम कर रही है।