Adhir Ranjan Chowdhury News-अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल पर साधा निशाना, कांग्रेस को बताया विकल्प
Adhir Ranjan Chowdhury News – Adhir Ranjan Chowdhury targets Trinamool.
Adhir Ranjan Chowdhury News- तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न ‘जोड़ाफूल’ फ्रीज होने के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई में तृणमूल कांग्रेस या उसके किसी विद्रोही गुट के बजाय कांग्रेस ही विकल्प है।
अधीर ने कहा कि जो लोग भाजपा विरोधी हैं, उन्हें एकजुट होकर कांग्रेस के साथ आना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की तुलना बरगद के पेड़ से करते हुए कहा कि कांग्रेस एक बरगद का पेड़ है, बरगद से गिरे पत्ते तृणमूल थे। आप सीधे बरगद के पेड़ की छाया में आइए।
उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के सामने चुनाव चिह्न को लेकर संकट पैदा हुआ है। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ और ऋतब्रत बनर्जी के गुट को ‘खाम’ चुनाव चिह्न दिया है। वहीं घास पर दो फूल वाला तृणमूल का ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न फ्रीज कर दिया गया है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के नाम और ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न को लेकर अंतिम फैसला अभी चुनाव आयोग में लंबित है।
नंदीग्राम में ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान दे ने नामांकन वापस ले लिया है। इसके बाद वहां कांग्रेस के ‘बरगद’ चुनाव चिह्न वाले उम्मीदवार को ममता के गुट के समर्थन की बात सामने आई है। रेजिनगर में तृणमूल के उम्मीदवार का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है।
अधीर ने कहा कि राज्य का विपक्ष इस समय बिखरा हुआ है और ऐसे माहौल में कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सच्चा भाजपा विरोध केवल कांग्रेस ही कर सकती है। राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में कांग्रेस भाजपा के खिलाफ लड़ रही है। समय के साथ कई जगहों पर भाजपा घिर रही है। आप सभी कांग्रेस में शामिल हों और हाथ मजबूत करें।
तृणमूल कांग्रेस का नाम और ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न फ्रीज किए जाने को लेकर अधीर ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ही चुनावी सर्कस शुरू हो गया। चुनाव आयोग भाजपा का गुलाम है। उन्होंने तृणमूल का चुनाव चिह्न रोक दिया है।
मुर्शिदाबाद में तृणमूल के प्रभाव को लेकर भी अधीर ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता को फुटबॉल मिला और एक दल को पैसे भरने वाला खाम मिला। इधर नंदीग्राम में पहले ही खेल हार गए। उम्मीदवार भाग गया। अब रेजिनगर की बारी है।
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