NIA ISIS : ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन नेटवर्क पर NIA की कार्रवाई, ISIS से जुड़े 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
NIA ISIS : NIA ने विजयवाड़ा की विशेष अदालत में ISIS से जुड़े ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन मामले में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मामले में 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
NIA ISIS : ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन और प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS की गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोपों से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। NIA ने आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा स्थित विशेष NIA अदालत में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित और कट्टरपंथी बनाने की कोशिश की।
9 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
NIA की चार्जशीट में मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश, मिर्जा सोहेल बेग, लकी अहमद, जीशान अब्दुल मजीद, मीर आसिफ अली, अब्दुल सलाम, शारुक खान और शेख फैज उर रहमान को आरोपी बनाया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर ISIS के सदस्य या समर्थक थे। NIA का कहना है कि आरोपियों ने युवाओं तक पहुंच बनाने और उन्हें प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से इंस्टाग्राम, का इस्तेमाल किया।
युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने का आरोप
NIA के मुताबिक, जांच में एक कथित ऑनलाइन नेटवर्क का पता चला, जिसके जरिए युवाओं को हिंसक आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने की कोशिश की जा रही थी। एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देना था।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि नेटवर्क से जुड़े लोगों की मंशा हिंसक जिहाद के जरिए भारत में खिलाफत स्थापित करने की थी। ये आरोप फिलहाल जांच एजेंसी के आरोप हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।
विस्फोटक और हथियारों की ट्रेनिंग की तैयारी का दावा
NIA के अनुसार, जांच के दौरान आरोपियों की ओर से युवाओं को हिंसक गतिविधियों में शामिल करने के लिए कथित तौर पर प्रशिक्षण की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आई। एजेंसी का दावा है कि इसमें विस्फोटक बनाने और हथियार चलाने से संबंधित प्रशिक्षण की तैयारी भी शामिल थी।
जांच में आरोपियों के बीच सुरक्षित और गुप्त संचार के लिए एक कम्युनिकेशन ऐप विकसित किए जाने की बात भी सामने आई है। NIA के मुताबिक, इस ऐप को विकसित और टेस्ट करने का उद्देश्य आपसी बातचीत को गोपनीय रखना था।
मार्च 2026 में दर्ज हुआ था मामला
NIA के मुताबिक, मामले की शुरुआत 23 मार्च 2026 को विजयवाड़ा के विजयवाड़ा II टाउन थाने में दर्ज केस से हुई थी। बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।
एजेंसी के अनुसार, अब तक इस मामले में 11 आरोपियों और कानून से संघर्षरत एक बच्चे को गिरफ्तार किया जा चुका है। चार्जशीट में 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप दर्ज किए गए हैं, जबकि मामले में अन्य आरोपियों और संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।
BNS, IT Act और UAPA के तहत कार्रवाई
NIA ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।



