Newyork News-कैरिकॉम, फिपिक बैठकों में भारत का कैरेबियाई-प्रशांत देशों संग सहयोग पर जोर
New York News – India emphasizes cooperation with Caribbean and Pacific nations at CARICOM and FIPIC meetings.
Newyork City:संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के इतर न्यूयॉर्क में भारत की कूटनीतिक सक्रियता निरंतर जारी है। इसी क्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की अध्यक्षता में दो अत्यंत महत्वपूर्ण बहुपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों ने कैरेबियाई और प्रशांत महासागरीय द्वीप देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय व क्षेत्रीय संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत-कैरिकॉम (कैरेबियाई समुदाय) की उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिस दौरान दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक जुड़ाव को और अधिक गहरा करने पर सहमति बनी। वार्ता में मुख्य रूप से व्यापार और निवेश को बढ़ाने, कृषि और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने, जलवायु लचीलेपन और ऊर्जा सहयोग जैसे वैश्विक महत्व के क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने पर व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई। भारत ने कैरेबियाई देशों के सतत विकास में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा भारत-कैरिकॉम एफएमएम में बारबाडोस, डोमिनिका, बहामास, गुयाना, जमैका, सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइंस, त्रिनिदाद और टोबैगो, सूरीनाम, हैती, सेंट लूसिया, सेंट किट्स एंड नेविस, एंटीगुआ और बारबुडा के विदेश मंत्रियों, ग्रेनाडा के वित्त मंत्री, बेलीज के विदेश मामलों के मंत्रालय के सीईओ और कैरिकॉम की महासचिव डॉ. कार्ला नताली बार्नेट ने भाग लिया। कैरिकॉम नेताओं ने भारत की विकास साझेदारी और ‘साउथ-साउथ सहयोग’ को बढ़ावा देने में भारत द्वारा दिए गए योगदान की सराहना की।
दोनों पक्ष संयुक्त राष्ट्र में सुधार, जलवायु परिवर्तन से निपटने के साथ-साथ आतंकवाद-रोधी और सीमा-पार अपराधों जैसे वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम जारी रखने पर सहमत हुए।
इसके अतिरिक्त, डॉ. जयशंकर की अध्यक्षता में ही ‘फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन’ (फिपिक) के विदेश मंत्रियों की बैठक का आयोजन भी हुआ। इस दौरान प्रशांत महासागरीय द्वीप देशों (पीआईसी) के नेताओं ने पिछले फिपिक शिखर सम्मेलनों से निकले नीतिगत नतीजों की गहन समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय ने एक अन्य बयान में कहा फिपिक बैठक के दौरान रिन्यूएबल एनर्जी, क्लाइमेट एक्शन, आपदा से निपटने की क्षमता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण में आगे सहयोग पर चर्चा की गई। बैठक में क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर फिपिक की साझेदारी और सहयोग को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
ये दोनों बैठकें प्रदर्शित करती हैं कि वैश्विक मंच पर भारत संपूर्ण ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ ही छोटे द्वीप देशों की विकास प्राथमिकताओं और उनकी सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को भी प्रमुखता से आवाज दे रहा है।
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रिपोर्ट-शाश्वत तिवारी



