Uttar Pradesh: यूपी के 200 आयुर्वेदिक अस्पतालों में बनेंगी आधुनिक पंचकर्म यूनिट, प्रमुख सचिव ने दिए सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश

Uttar Pradesh: गौतमबुद्धनगर के भाईपुर ब्राह्मण स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का रंजन कुमार ने किया निरीक्षण, पंचकर्म हट और औषधीय पौधों से आयुष वाटिका विकसित करने पर जोर

Uttar Pradesh:  उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के 200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक मानकों के अनुरूप पंचकर्म यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इसी पहल के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के गौतमबुद्धनगर स्थित भाईपुर ब्राह्मण राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। शनिवार को आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार, आईएएस ने चिकित्सालय का निरीक्षण कर उपचार व्यवस्था और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की।

प्रमुख सचिव ने पंचकर्म सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे, प्रशिक्षित कर्मचारियों, मानक उपकरणों और औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में पंचकर्म हट स्थापित करने और औषधीय पौधों के रोपण से आयुष वाटिका विकसित करने पर भी जोर दिया।

पंचकर्म सेवाओं को आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी

निरीक्षण के दौरान रंजन कुमार ने चिकित्सालय में संचालित पंचकर्म इकाई की व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रिया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों से उपचार सेवाओं की स्थिति तथा औषधियों की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने निर्देश दिया कि पंचकर्म केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाए, ताकि मरीजों को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए जरूरी उपकरणों, औषधियों और प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

आयुष वाटिका और पंचकर्म हट विकसित करने पर जोर

प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय परिसर में पंचकर्म हट स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही औषधीय पौधे लगाकर आयुष वाटिका विकसित करने को कहा, जिससे आयुर्वेदिक चिकित्सा से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके।

इस पहल का उद्देश्य चिकित्सालय में आयुर्वेदिक उपचार से संबंधित सुविधाओं को बेहतर बनाना और मरीजों को उपलब्ध सेवाओं का अधिक प्रभावी ढंग से लाभ पहुंचाना है।

मधुमेह, गठिया और कमर दर्द के मरीजों पर फोकस

निरीक्षण के दौरान पंचकर्म सेवाओं के जरिए दीर्घकालिक और जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को आवश्यकतानुसार उपचार और परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

इनमें मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस और मोटापे जैसी समस्याएं शामिल हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मरीजों की जरूरत के अनुसार उपलब्ध आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का समुचित उपयोग किया जाए। उपचार के साथ उचित परामर्श और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

स्वच्छता और दवा वितरण व्यवस्था की होगी निगरानी

प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय में साफ-सफाई बनाए रखने और मरीजों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने औषधियों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि मरीजों को सभी उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं का लाभ व्यवस्थित तरीके से मिलना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों से पंचकर्म सहित अन्य आयुर्वेदिक सेवाओं की गुणवत्ता पर ध्यान देने और मरीजों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।

आयुष वेलनेस और चिकित्सा पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन

रंजन कुमार ने आयुर्वेदिक सेवाओं और पंचकर्म चिकित्सा के बेहतर एकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने आयुष वेलनेस, चिकित्सा पर्यटन और जनस्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करने की आवश्यकता बताई।

प्रदेश के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक पंचकर्म सुविधाओं के विस्तार से आयुर्वेदिक उपचार व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है। भाईपुर ब्राह्मण स्थित चिकित्सालय का निरीक्षण भी इसी दिशा में सुविधाओं के विकास और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की पहल का हिस्सा है।

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